उत्तराखंड
दिवाली से पहले राज्यकर्मियों को CM धामी की बड़ी सौगात
Rajeshwari Nishad
2 Nov 2026 8:11 PM IST

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देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने की मंजूरी प्रदान की है। इस फैसले के तहत पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को अधिकतम 7,000 रुपये तक का बोनस मिल सकेगा। सरकार के इस निर्णय से समूह 'ग', समूह 'घ' और पात्र समूह 'ख' के कर्मचारियों के साथ दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। त्योहार से पहले बोनस की घोषणा को कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी की ओर से बोनस को मंजूरी दिए जाने की खबर 2 नवंबर 2026 को सामने आई है। दिवाली के त्योहार को देखते हुए सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बोनस की वास्तविक राशि, भुगतान की तारीख और पात्रता की विस्तृत शर्तें संबंधित शासनादेश के अनुसार निर्धारित होंगी।
30 दिन के तदर्थ बोनस को मिली मंजूरी
राज्य सरकार ने पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर तदर्थ बोनस देने का निर्णय लिया है। तदर्थ बोनस को गैर-उत्पादकता संबद्ध बोनस भी कहा जाता है। इसका भुगतान निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के आधार पर किया जाता है।सरकारी कर्मचारियों के लिए यह बोनस नियमित मासिक वेतन से अलग होता है। इसका उद्देश्य निर्धारित श्रेणी के कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्रदान करना है।उत्तराखंड में पूर्व वर्षों में भी अराजपत्रित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और पात्र दैनिक वेतनभोगियों को तदर्थ बोनस देने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस का लाभ?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के इस फैसले से मुख्य रूप से समूह 'ग' और समूह 'घ' के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले समूह 'ख' के अराजपत्रित कर्मचारी भी बोनस के दायरे में आ सकते हैं।सरकारी विभागों के पात्र कार्यप्रभारित कर्मचारी, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, स्थानीय निकायों से जुड़े कार्मिक और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले दैनिक वेतनभोगी भी लाभार्थियों में शामिल हो सकते हैं।हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी को बोनस का लाभ स्वतः नहीं मिलेगा। संबंधित कर्मचारी की सेवा अवधि, नियुक्ति की प्रकृति, वेतन श्रेणी और अन्य शर्तों के आधार पर पात्रता तय होगी।
अधिकतम 7,000 रुपये तक मिलेगा बोनस
राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार, पात्र कर्मचारियों के लिए बोनस की अधिकतम गणना सीमा 7,000 रुपये रखी गई है। यहां यह समझना जरूरी है कि 7,000 रुपये की गणना सीमा और प्रत्येक कर्मचारी के खाते में मिलने वाली वास्तविक राशि अलग हो सकती है।पूर्व में लागू तदर्थ बोनस की गणना व्यवस्था के अनुसार, मासिक परिलब्धियों की अधिकतम गणना सीमा 7,000 रुपये होने पर 30 दिनों का बोनस लगभग 6,908 रुपये बनता है। हालांकि, वर्ष 2026 के भुगतान में लागू सटीक गणना संबंधित शासनादेश से स्पष्ट होगी।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी राहत
धामी सरकार की घोषणा का महत्वपूर्ण पहलू दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को बोनस के दायरे में शामिल करना है। सरकारी विभागों और संबंधित संस्थानों में कई कर्मचारी दैनिक वेतन के आधार पर कार्य करते हैं।ऐसे कर्मचारियों के लिए त्योहार के अवसर पर अतिरिक्त राशि मिलना उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, दैनिक वेतनभोगियों के लिए सेवा के न्यूनतम दिनों और अन्य पात्रता शर्तों का पालन आवश्यक होगा।पिछले वर्षों के आदेशों में दैनिक वेतनभोगियों के लिए निश्चित कार्यदिवस और सेवा अवधि संबंधी शर्तें निर्धारित की गई थीं। इस वर्ष की अंतिम शर्तों की पुष्टि नए शासनादेश से होगी।
त्योहारी खरीदारी में मिलेगी आर्थिक मदद
दिवाली के दौरान घरों में साफ-सफाई, सजावट, कपड़ों, मिठाइयों और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे समय में अतिरिक्त बोनस मिलने से कर्मचारियों को घरेलू खर्चों का प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है।विशेष रूप से निम्न और मध्यम आय वर्ग के कर्मचारियों के लिए त्योहार से पहले मिलने वाली अतिरिक्त राशि महत्वपूर्ण होती है। बोनस का उपयोग परिवार अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार कर सकता है।
वित्त विभाग की प्रक्रिया पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब कर्मचारियों की नजर वित्त विभाग की ओर से जारी होने वाले विस्तृत आदेश और भुगतान प्रक्रिया पर रहेगी। शासनादेश में पात्र कर्मचारियों की श्रेणी, सेवा संबंधी शर्तें, बोनस की गणना और भुगतान की व्यवस्था स्पष्ट की जाएगी।कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे बोनस से संबंधित जानकारी अपने विभागीय कार्यालय या आधिकारिक सरकारी आदेश के माध्यम से प्राप्त करें। इससे पात्रता और मिलने वाली राशि को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं रहेगा।
कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला
उत्तराखंड सरकार इससे पहले भी राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते और अन्य वित्तीय लाभों से संबंधित राहत दे चुकी है। मई 2026 में मुख्यमंत्री धामी ने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी थी।अब दिवाली से पहले तदर्थ बोनस की घोषणा से पात्र कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। इस निर्णय का वास्तविक लाभ तब सुनिश्चित होगा, जब संबंधित विभागों की ओर से भुगतान की औपचारिकताएं पूरी कर कर्मचारियों को निर्धारित राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
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