
नई टिहरी। टिहरी जिले में सड़क हादसे के एक मामले में न्यायालय ने बस चालक को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सिविल जज जूनियर डिवीजन पुनीत कुमार की अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी बस चालक सोबन सिंह नेगी को एक वर्ष के सामान्य कारावास और 6500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि वाहन चलाते समय लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति की जान जाना गंभीर अपराध है।
अदालत के आदेश के अनुसार, यदि आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है तो उसे दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
मामला 21 अप्रैल 2023 का है। घनसाली निवासी आरती देवी ने 22 अप्रैल 2023 को थाना घनसाली में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनके पति भीम सिंह अपने साथी सत्ये सिंह राणा के साथ बाइक से हरियाणा से अपने गांव घनसाली की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान पंचाकोटी गांव के पास शाम करीब 6:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ।
जानकारी के अनुसार, घुत्तू से घनसाली की ओर आ रही विश्वनाथ सेवा की बस के चालक ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों लोग सड़क पर गिर गए। हादसे में भीम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
हादसे के बाद पुलिस ने बस चालक सोबन सिंह नेगी निवासी धोलंगी, जाखड़, बार्जुला, कीर्तिनगर हाल निवासी अमितग्राम, गुमानीवाला, ऋषिकेश के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता बृजेश भट्ट ने अदालत में अभियोजन पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए और दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष ने यह साबित करने का प्रयास किया कि बस चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई।
लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट पुनीत कुमार की अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी सोबन सिंह नेगी को गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में दोषी पाया।
न्यायालय ने आरोपी को एक वर्ष के सामान्य कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 6500 रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं, यह फैसला वाहन चालकों के लिए भी एक संदेश माना जा रहा है कि सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ रही मौतों को देखते हुए विशेषज्ञ भी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील करते रहे हैं। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में खराब सड़क परिस्थितियों और जोखिम भरे रास्तों को देखते हुए वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है। टिहरी के इस मामले में अदालत का फैसला इसी जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।





