उत्तराखंड

उत्तराखंड में बारिश के बीच बंद हुआ अहम रास्ता

Saba Naaz
18 July 2026 7:02 PM IST
उत्तराखंड में बारिश के बीच बंद हुआ अहम रास्ता
x

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ जिले में लगातार खराब मौसम और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही घटनाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। शनिवार सुबह कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर विशाल चट्टान गिरने से रास्ता बंद हो गया, जिसके चलते यात्रा पर निकला चौथा दल धारचूला में ही फंस गया। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मार्ग खोलने के प्रयास में जुटी हैं, लेकिन देर शाम तक रास्ता बहाल नहीं हो सका।

जानकारी के अनुसार, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गर्बाधार से करीब दो किलोमीटर आगे पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। चट्टान गिरने के बाद सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। हादसे के बाद पहाड़ से लगातार पत्थर गिरने का सिलसिला भी जारी रहा, जिससे मौके पर काम करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इस मार्ग से गुंजी समेत अन्य गांवों की ओर जाने वाले कई वाहन भी फंस गए हैं।

शनिवार को धारचूला से कैलास मानसरोवर यात्रा के चौथे दल को गुंजी के लिए रवाना होना था, लेकिन मार्ग बंद होने के कारण यात्रा दल आगे नहीं बढ़ सका। यात्रियों को धारचूला में ही रोक दिया गया। दिनभर यात्री और प्रशासन मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम तक स्थिति सामान्य नहीं हो पाई। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, मार्ग खुलने के बाद ही यात्रा दल को आगे भेजा जाएगा।

मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन की 65 आरसीसी यूनिट सक्रिय हो गई। बीआरओ के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क खोलने का काम शुरू किया। मार्ग को खोलने के लिए बूंदी और पांगला की ओर से दो बड़ी मशीनें भी भेजी गईं। हालांकि पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण राहत कार्य में बाधाएं आ रही हैं।

वहीं, जिले में एक अन्य महत्वपूर्ण मार्ग तवाघाट-सोबला-तिदांग भी प्रभावित हुआ है। सोबला के पास ठाड़ीगाड़ पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इस वजह से चीन सीमा से लगी दारमा और व्यास घाटी का संपर्क प्रभावित हो गया है। दोनों मार्ग बंद होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र के कई गांवों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन के अनुसार, जिले में दो सीमा मार्गों समेत करीब 18 मोटर मार्ग बंद हैं, जिससे लगभग एक लाख ग्रामीण आबादी प्रभावित हो रही है। सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं। बारिश और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

इसी बीच बेरीनाग क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण नुकसान की खबर सामने आई है। तहसील मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर उडियारी गांव में शनिवार सुबह करीब 11 बजे हीरा सिंह महरा के मकान की छत अचानक गिर गई। हादसे के समय परिवार के बुजुर्ग सदस्य और बच्चे घर से बाहर थे, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

छत गिरने से घर के अंदर रखा राशन, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। तहसील प्रशासन ने प्रभावित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

ग्राम प्रधान हेमा देवी ने बताया कि हीरा सिंह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द राहत सामग्री और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग खुलने और फंसे यात्रियों को सुरक्षित आगे भेजने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।

Next Story