उत्तराखंड

दान प्रबंधन विवाद पर बड़ा कदम, बद्रीनाथ मंदिर समिति ने बदले कोषाध्यक्ष

Ratna Netam
15 July 2026 9:04 PM IST
दान प्रबंधन विवाद पर बड़ा कदम, बद्रीनाथ मंदिर समिति ने बदले कोषाध्यक्ष
x

Chamoli चमोली : उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ मंदिर में दान और संपत्ति प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने कार्रवाई करते हुए समिति के कोषाध्यक्ष का तबादला कर दिया है। बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष को पद से हटाया नहीं गया है, बल्कि प्रशासनिक कारणों से उनका स्थानांतरण किया गया है।

सोहन सिंह रांगड़ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि एक जांच टीम ने मंदिर में डबल-लॉक व्यवस्था के तहत रखी गई कुछ वस्तुओं की जांच की थी। जांच के दौरान खास तौर पर चांदी से बनी वस्तुओं और अन्य धातुओं से संबंधित रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। उन्होंने बताया कि रजिस्टर में दर्ज मात्रा और मौके पर मौजूद सामान की मात्रा में अंतर था। रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा कम थी, जबकि वास्तविक रूप से सामान अधिक पाया गया।

बीकेटीसी सीईओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला मानवीय भूल का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यदि मौके पर मिला सामान रजिस्टर में दर्ज मात्रा से कम होता तो स्थिति अलग होती और तब किसी गड़बड़ी की आशंका जताई जा सकती थी। लेकिन यहां स्थिति इसके उलट थी, इसलिए इसे चोरी या सामान गायब होने का मामला नहीं माना जा सकता।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि संभव है कि रिकॉर्ड में प्रविष्टि करते समय ओवरराइटिंग या अन्य त्रुटि हुई हो। इसी वजह से प्रशासनिक स्तर पर कोषाध्यक्ष का तबादला किया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

बीकेटीसी के सीईओ ने मंदिर से जुड़े दान में मिले सामान, लैपटॉप और एम्बुलेंस के गायब होने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि समिति के पास एम्बुलेंस से संबंधित सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं और इनमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।

उन्होंने बताया कि बीकेटीसी के पास तीन एम्बुलेंस थीं। इनमें से एक एम्बुलेंस को तकनीकी रूप से खराब और अनुपयोगी घोषित किया गया था। नियमों का पालन करते हुए वर्ष 2016 में उसकी नीलामी कर दी गई थी। वहीं दूसरी एम्बुलेंस को औपचारिक प्रक्रिया के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) रुद्रप्रयाग को सौंप दिया गया था। तीसरी एम्बुलेंस वर्तमान में ऊखीमठ क्षेत्र में उपलब्ध है।

सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि मंदिर समिति पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

बद्रीनाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की संपत्तियों, दान और व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों को लेकर बीकेटीसी प्रशासन लगातार निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

Next Story