
हल्द्वानी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की एसओजी टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र से एक व्यक्ति को 29 प्रतिबंधित कछुओं के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए कछुओं की पहचान इंडियन फ्लैप शेल टर्टल (Indian Flap Shell Turtle) के रूप में की गई है। आरोपी पर इन कछुओं का मांस बेचने का आरोप है। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, करीब दस दिन पहले वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) को प्रतिबंधित कछुओं की तस्करी से जुड़ी शिकायत मिली थी। इसके बाद एसओजी टीम ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान टीम को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले। बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एसओजी टीम ने रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप इलाके में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान टीम ने राजेश सरकार पुत्र नितई सरकार को गिरफ्तार किया। उसके पास से 29 प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इन कछुओं को कथित तौर पर मांस बेचने के लिए इस्तेमाल करता था। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपी अकेले इस काम को अंजाम दे रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
पकड़े गए आरोपी को एसओजी कार्यालय हल्द्वानी लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और वन्यजीव अपराध से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
इंडियन फ्लैप शेल टर्टल को वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सुरक्षा प्राप्त है। ऐसे संरक्षित जीवों का शिकार, पकड़ना या व्यापार करना कानूनन अपराध है। वन विभाग समय-समय पर ऐसे मामलों में कार्रवाई करता रहा है ताकि वन्यजीवों की अवैध तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी केसी तिवारी के नेतृत्व में वन विभाग और एसओजी की संयुक्त टीम शामिल रही। टीम में वन दरोगा अमर सिंह, वन आरक्षी शुभम शर्मा, हरी चांद बाला, प्रशांत कुमार, अर्चना, कांता नेगी, राहुल कनवाल और गौरव तिवारी शामिल थे।
वन विभाग अब आरोपी से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है कि बरामद किए गए कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां बेचने की योजना थी। साथ ही इस मामले में शामिल संभावित अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।





