उत्तर प्रदेश

यूपी कौशल विकास मिशन से युवाओं को मिलेगा रोजगार, 283 पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रशिक्षण

Gulabi Jagat
27 July 2026 4:00 PM IST

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का उद्देश्य राज्य के युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह मिशन केंद्र सरकार के स्किल इंडिया मिशन की तर्ज पर संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इसका लक्ष्य ऐसे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है, जो आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं या अपने कौशल को बेहतर बनाना चाहते हैं।

मिशन के तहत प्रदेश भर में स्थापित प्रशिक्षण केंद्रों पर विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और उद्योगों की मांग के अनुसार तैयार किया जाता है, जिससे उन्हें रोजगार पाने या स्वरोजगार शुरू करने में आसानी हो। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश स्किल ट्रेनिंग प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाता है, जो रोजगार प्राप्त करने में सहायक होता है।

योजना के अंतर्गत फैशन डिजाइनिंग, मोटर वाहन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल कार्य, ब्यूटी एंड वेलनेस, स्वास्थ्य सेवाएं सहित कुल 34 सेक्टरों में 283 पाठ्यक्रमों का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा सभी प्रशिक्षण केंद्रों में अंग्रेजी भाषा और कंप्यूटर शिक्षा का प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से दिया जाता है, ताकि युवाओं की कार्यक्षमता और संचार कौशल में सुधार हो सके।

सरकार का दावा है कि प्रशिक्षण केंद्रों को युवाओं के निवास स्थान के निकट स्थापित किया गया है, जिससे उन्हें कम लागत में प्रशिक्षण मिल सके। साथ ही प्रशिक्षुओं को करियर काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार रोजगार या स्वरोजगार का चयन कर सकें।

पात्रता के अनुसार आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा वह उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। यह योजना विशेष रूप से उन युवाओं के लिए बनाई गई है जो वर्तमान में नियमित शिक्षा प्राप्त नहीं कर रहे हैं और रोजगार के लिए अपने कौशल को विकसित करना चाहते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी, उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलेगा और राज्य में स्वरोजगार तथा रोजगार के नए अवसरों का विस्तार होगा।

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