उत्तर प्रदेश

योगी ने दिवंगत जनप्रतिनिधियों को किया नमन

Kavita2
3 Aug 2026 2:43 PM IST
योगी ने दिवंगत जनप्रतिनिधियों को किया नमन
x

उत्तर प्रदेश : विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन का माहौल भावुक रहा। कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान विधानसभा सदस्य आलम बदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा के 21 पूर्व सदस्यों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और समाज के प्रति योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आलम बदी का निधन प्रदेश की राजनीति और विधानसभा के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में आलम बदी ने अपने क्षेत्र के लोगों के बीच हमेशा सक्रिय रहकर कार्य किया और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली से सभी जनप्रतिनिधियों को प्रेरणा मिलती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आलम बदी ने उम्र के अंतिम पड़ाव तक जिस ऊर्जा और समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई, वह अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक सक्रियता यह साबित करती है कि जनसेवा के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती। यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र और जनता के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करता है तो जनता उसे हमेशा सम्मान और समर्थन देती है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उम्र के इस पड़ाव पर भी आलम बदी जी की राजनीतिक सक्रियता हर जनप्रतिनिधि को प्रेरित करती थी। उनका निर्वाचित होना यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि के रूप में यदि हम जनता और अपने क्षेत्र के प्रति समर्पित रहें तो आयु कभी मायने नहीं रखती।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होता है। यह विश्वास केवल चुनाव जीतने से नहीं, बल्कि लगातार जनसेवा, ईमानदारी और क्षेत्र के विकास के लिए किए गए कार्यों से अर्जित होता है। आलम बदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में इसी भावना के साथ कार्य किया और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान रही।

श्रद्धांजलि प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा के 21 पूर्व सदस्यों को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि इन सभी जनप्रतिनिधियों ने अलग-अलग समय में प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने अनुभव, विचार और जनसेवा के माध्यम से समाज और प्रदेश के विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती उन लोगों के योगदान से होती है जो जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। पूर्व और वर्तमान सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने समय में जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में जो जनप्रतिनिधि पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहता है।

सदन में श्रद्धांजलि के दौरान सभी सदस्यों ने दिवंगत जनप्रतिनिधियों के सम्मान में मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान विधानसभा में गंभीर और भावुक वातावरण बना रहा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी दिवंगत नेताओं के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत नेताओं के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा सदन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और उनके परिवारों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें।

श्रद्धांजलि के बाद विधानसभा की नियमित कार्यवाही प्रारंभ हुई। मानसून सत्र के पहले दिन सदन ने लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए दिवंगत सदस्यों के योगदान को याद किया और उनके सम्मान में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा की भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और जनता के हित में निरंतर कार्य करना ही दिवंगत जनप्रतिनिधियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस प्रकार मानसून सत्र की शुरुआत श्रद्धांजलि और संवेदनाओं के साथ हुई, जिसमें सदन ने दिवंगत नेताओं के सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया।

Next Story