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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 92वां दीक्षांत समारोह संपन्न

उत्तरप्रदेश : डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 92वां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विभिन्न संकायों के 64 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 88 स्वर्ण, रजत और अन्य पदकों से सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी परिषद (एनसीईटी) के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के साथ अच्छे संस्कार और मानवीय मूल्यों को अपनाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ते समय ऐसे लोगों का चयन करें जो आपका सम्मान करें और आपके व्यक्तित्व का आदर करें। सम्मान और विश्वास पर आधारित रिश्ते ही लंबे समय तक मजबूत बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज के विकास तथा राष्ट्र निर्माण में करें। उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की सबसे बड़ी ताकत है और उसकी ऊर्जा, प्रतिभा तथा नवाचार की सोच भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का सकारात्मक दिशा में उपयोग करना चाहिए।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने उच्च शिक्षा में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अब विश्वविद्यालय और कॉलेजों की ओर से डिग्री की मुद्रित (प्रिंटेड) प्रतियां जारी नहीं की जाएंगी। सभी डिग्रियां डिजिलॉकर पर अपलोड की जाएंगी और विद्यार्थियों को वहीं से अपनी डिग्री डाउनलोड करनी होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और छात्रों को भविष्य में कहीं भी अपनी डिग्री प्रस्तुत करने में सुविधा होगी।
उन्होंने कहा कि डिजिलॉकर के माध्यम से डिग्री उपलब्ध होने से कागज की बचत होगी और सरकारी सेवाओं तथा निजी संस्थानों में दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया भी अधिक सरल और तेज हो जाएगी। विद्यार्थियों से उन्होंने अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग करना सीखें और नई तकनीकों को अपनाकर स्वयं को भविष्य के लिए तैयार करें।
मुख्य अतिथि प्रो. पंकज अरोरा ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें नवाचार, शोध और उद्यमिता के लिए भी सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में तकनीक और कौशल का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को समाज और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 64 विद्यार्थियों को कुल 88 पदकों से सम्मानित किया गया। पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। इस अवसर पर उनके अभिभावकों ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे उनके जीवन का यादगार पल बताया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री और पदक वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। यहां से प्राप्त शिक्षा और अनुभव उनके भविष्य की दिशा तय करेंगे।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शोध कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि संस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और डिजिटल शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अंत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी पदक विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जीवन में ईमानदारी, अनुशासन और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले विद्यार्थी देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे तथा अपने परिवार और संस्थान का नाम रोशन करेंगे।
92वें दीक्षांत समारोह का समापन राष्ट्रगान और सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों ने इसे अपने शैक्षणिक जीवन का अविस्मरणीय और प्रेरणादायी क्षण बताया।





