- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- अखिलेश पर बरसे ओपी...
अखिलेश पर बरसे ओपी राजभर, पप्पू यादव मुद्दे पर पूछा सपा का रुख

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद पप्पू यादव से जुड़े विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि संसद में पप्पू यादव प्रकरण को लेकर सपा का आधिकारिक रुख क्या है।
ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अखिलेश यादव को सीधे सवालों के घेरे में लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयान इस मामले में एक-दूसरे से अलग हैं। राजभर ने कहा कि सपा नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि वह पप्पू यादव के मामले में किस पक्ष के साथ खड़ा है।
राजभर ने अपनी पोस्ट में सपा सांसद राजीव राय, सपा नेता पवन पांडेय और सांसद अवधेश प्रसाद के बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं के अलग-अलग बयान यह दिखाते हैं कि पार्टी की अपनी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि आखिर संसद में पप्पू यादव के मामले पर समाजवादी पार्टी का स्टैंड क्या है।
उन्होंने राजीव राय के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन समाजवादी पार्टी का नहीं था और पप्पू यादव जबरन वहां पहुंच गए थे। राजभर ने इसी बयान को आधार बनाते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी के भीतर ही इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही है।
इसके बाद राजभर ने पवन पांडेय और अवधेश प्रसाद के बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सपा नेता पप्पू यादव के कदम को गलत बता रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पार्टी के कुछ नेता उनका बचाव करते नजर आ रहे हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव राजनीतिक मजबूरियों के कारण पप्पू यादव का समर्थन कर रहे हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में सपा की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी पार्टी की लाइन राजीव राय की है, पवन पांडेय की है या फिर जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी जातिगत राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
राजभर ने आगे कहा कि सपा की राजनीति में तुष्टीकरण का आरोप लंबे समय से लगता रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी को अपनी राजनीति की दिशा बदलनी पड़ सकती है।
अपने पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव को व्यंग्यात्मक अंदाज में कव्वाली सीखने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव के बाद यही काम उनके काम आएगा। राजभर ने अपने बयान का अंत जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण और जय महाराज सुहेलदेव के नारों के साथ किया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों के नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। ओम प्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं।
वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक ओम प्रकाश राजभर के इस हमले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पप्पू यादव प्रकरण को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मुद्दा बन सकते हैं, खासकर तब जब सभी दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं।





