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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार और नौकरी से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। विश्व युवा कौशल दिवस के पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'स्किल-इंडस्ट्रियल जोन' (Skill-Industrial Zones) विकसित किए जाएंगे। इन विशेष जोन्स के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की समकालीन और वास्तविक मांग के अनुसार अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें सीधे तौर पर रोजगार से जोड़ा जा सके। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि युवाओं को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने के लिए विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि आज के समय में उत्तर प्रदेश के पास न केवल देश की, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति (Youth Workforce) मौजूद है। सरकार इस अपार युवा ऊर्जा को सही अवसर और मंच प्रदान कर रही है, जिससे यह कार्यशक्ति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत और आर्थिक इंजन बनकर उभर रही है। हर जिले में स्थापित होने वाले ये स्किल-इंडस्ट्रियल जोन किसी एक विभाग के तहत काम नहीं करेंगे, बल्कि इसके लिए सरकार ने एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है। इन जोन्स का विकास सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, कौशल विकास विभाग, व्यावसायिक शिक्षा विभाग और श्रम एवं सेवायोजन विभाग के आपसी समन्वय और संयुक्त प्रयासों से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन स्किल-इंडस्ट्रियल जोन्स के भीतर जो भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, वे 'ऑन डिमांड' (On-Demand) होंगे। यानी, स्थानीय और वैश्विक उद्योगों को जिस तरह के कुशल जनशक्ति (Skilled Manpower) की आवश्यकता होगी, ठीक उसी तर्ज पर युवाओं को तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विदेशों में भारतीय युवाओं के लिए रोजगार की बढ़ती अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपनी मातृभूमि के साथ-साथ विदेशी धरती पर भी नाम कमाने और नौकरी पाने के अवसर मिलेंगे। इसके लिए इन जोन्स में जापानी जैसी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और विदेशी भाषाओं को सीखने का विशेष प्रशिक्षण भी अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाएगा, ताकि भाषा की दीवार युवाओं के वैश्विक करियर में बाधा न बने।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने देश में कौशल विकास (Skill Development) को एक नई और वैश्विक पहचान दी है। उन्हीं के पदचिह्न पर चलते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) और अन्य तकनीकी केंद्रों की सूरत बदल दी है। आज इन संस्थानों में पारंपरिक पाठ्यक्रमों के स्थान पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स जैसी 21वीं सदी की अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गर्व से साझा किया कि सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जा रहे रोजगार मेलों और बड़े संस्थानों में हो रहे कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से आज उत्तर प्रदेश का युवा बिना किसी सिफारिश के, पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरियां हासिल कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य का कोई भी युवा बेरोजगार न रहे और हर हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार काम मिले।





