उत्तर प्रदेश

यूपी के नगर निकायों के लिए बड़ी पहल

Saba Naaz
15 July 2026 3:21 PM IST
यूपी के नगर निकायों के लिए बड़ी पहल
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धामपुर (बिजनौर): उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के नगर निकायों के संपूर्ण और सुनियोजित विकास के लिए एक बेहद अनूठी और दूरगामी पहल की शुरुआत की गई है। सरकार अब प्रदेश के सभी नगर पालिका क्षेत्रों का एक व्यापक 'गजेटियर' (भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शब्दकोश) तैयार करवा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर की वास्तविक आवश्यकताओं और वहां की भौगोलिक स्थिति के अनुरूप सटीक योजनाएं बनाना है। शासन से मिले इस महत्वपूर्ण निर्देश के बाद बिजनौर जिले की धामपुर नगर पालिका में वार्डवार सर्वे का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस विशेष सर्वे के माध्यम से पालिका प्रशासन कुल 37 विभिन्न बिंदुओं पर बारीकी से डेटा और महत्वपूर्ण जानकारियां जुटा रहा है, जो आने वाले समय में धामपुर की सूरत बदलने में मील का पत्थर साबित होंगी।

राज्य सरकार का इस बार विशेष जोर इस बात पर है कि विकास योजनाएं केवल कागजी या सामान्य न होकर, संबंधित क्षेत्र की वास्तविक और जमीनी जरूरतों के मुताबिक तैयार की जाएं। मंडल स्तर से प्राप्त कड़े निर्देशों के अनुपालन में धामपुर नगर पालिका ने बिना किसी देरी के इस गजेटियर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक वार्ड में तैनात की गई सर्वे टीमें घर-घर और गली-गली जाकर निर्धारित 37 बिंदुओं पर विस्तृत आंकड़े एकत्र कर रही हैं। इन बिंदुओं में वार्ड की कुल जनसंख्या, वहां उपलब्ध बुनियादी ढांचा जैसे सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट, पेयजल की आपूर्ति, साफ-सफाई की स्थिति के साथ-साथ वहां की ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक महत्व के स्थलों और विशिष्ट भौगोलिक चुनौतियों को भी शामिल किया गया है।

दरअसल, सरकार की मंशा पालिकाओं को न केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, बल्कि उस धनराशि का सही और अधिकतम सदुपयोग सुनिश्चित करना भी है। अब तक कई बार ऐसा देखा गया है कि केंद्रीय या राज्य स्तर से बनने वाली योजनाएं स्थानीय स्तर की विशिष्ट समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह सटीक नहीं बैठतीं। इसी विसंगति को दूर करने के लिए इस गजेटियर का सहारा लिया जा रहा है। एक बार जब धामपुर नगर पालिका का यह वार्डवार गजेटियर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो प्रशासन के पास हर एक वार्ड का पूरा खाका डिजिटल और लिखित रूप में मौजूद होगा। इससे मुख्य विकास कार्यों के अलावा, किसी विशेष वार्ड की खास भौगोलिक या सामाजिक आवश्यकता के अनुसार कस्टमाइज्ड (विशेष) योजनाएं बनाकर उनका सीधा लाभ वहां के नागरिकों तक पहुँचाया जा सकेगा।

धामपुर नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि इस सर्वे से प्राप्त होने वाले आंकड़े भविष्य की तमाम विकास योजनाओं का मुख्य आधार बनेंगे। मिसाल के तौर पर, यदि किसी वार्ड में जलजमाव की पुरानी भौगोलिक समस्या है या किसी हिस्से में कोई ऐतिहासिक स्थल है जिसे पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा सकता है, तो गजेटियर की मदद से उसे सीधे बजट और योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। इस व्यवस्था से न केवल विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता आएगी, बल्कि सरकारी धन का अपव्यय भी रुकेगा। स्थानीय नागरिकों ने भी सरकार और पालिका प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और सर्वे टीमों को सही जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी कुछ हफ्तों में यह सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी, जिसके बाद धामपुर के विकास को एक नई और वैज्ञानिक दिशा मिलेगी।

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