उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का तोहफा आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा लाखों का बीमा कवर

Ratna Netam
2 Sept 2026 7:22 PM IST
योगी सरकार का तोहफा आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा लाखों का बीमा कवर
x
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बुधवार को कई बड़े ऐलान किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में **उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS)** का शुभारंभ किया। इसके साथ निगम के पोर्टल और वेबसाइट को लॉन्च किया गया तथा लोगो का अनावरण भी किया गया। नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन, EPF-ESI, स्वास्थ्य सुरक्षा, मातृत्व अवकाश और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं देने की बात कही गई है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश के 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ उनके परिवारों को मिलाकर करीब 17 से 20 लाख लोगों को फायदा हो सकता है।
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा दुर्घटना बीमा की रही। मुख्यमंत्री ने बताया कि आउटसोर्स सेवा निगम और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए समझौते के तहत निर्धारित श्रेणी के अनुसार कर्मचारी के परिवार को दुर्घटना या आपदा की स्थिति में **20 लाख से 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर** उपलब्ध कराया जाएगा। अलग-अलग रिपोर्टों में अधिकतम कवर 40 से 50 लाख रुपये तक बताया गया है, इसलिए वास्तविक राशि कर्मचारी की निर्धारित श्रेणी और लागू बैंकिंग/बीमा शर्तों पर निर्भर करेगी।
हर महीने 5 तारीख तक खाते में आएगा वेतन
आउटसोर्स कर्मचारियों की सबसे बड़ी शिकायतों में समय पर वेतन नहीं मिलना शामिल रहा है। सरकार ने नई व्यवस्था में इसे प्रमुखता से शामिल किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब आउटसोर्स कर्मचारियों का पारिश्रमिक हर महीने **1 से 5 तारीख के बीच सीधे उनके बैंक खाते में** भेजना सुनिश्चित किया जाएगा। इससे कर्मचारी को वेतन के लिए आउटसोर्स एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कर्मचारियों के EPF और ESI अंशदान को भी नियमित रूप से जमा करने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार आउटसोर्स एजेंसी को उसका सर्विस चार्ज अलग से देगी, जिससे एजेंसी कर्मचारी के निर्धारित पारिश्रमिक में मनमानी कटौती नहीं कर सकेगी।
सरकार का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था में भुगतान से लेकर कर्मचारी की सेवा संबंधी जानकारी तक की निगरानी संभव होगी।
20 से 40 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा
UPCOS और SBI के बीच हुए समझौते के तहत कर्मचारियों को बैंकिंग और बीमा से जुड़ी कई सुविधाएं देने का ऐलान किया गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक दुर्घटना या आपदा का शिकार होने पर कर्मचारी के परिवार को निर्धारित श्रेणी के आधार पर **20 लाख से 40 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर** मिल सकेगा।
इसके अलावा कर्मचारी का बैंक खाता जीरो बैलेंस पर खोलने की व्यवस्था की बात भी सामने आई है।
सरकार का उद्देश्य केवल कर्मचारी को वेतन देना नहीं, बल्कि उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
अग्निकांड पर 10 लाख रुपये की सहायता
कर्मचारियों के लिए घोषित सुविधाएं दुर्घटना बीमा तक सीमित नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निकांड जैसी स्थिति में बैंक के माध्यम से **10 लाख रुपये तक की सहायता** उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
इसी तरह आकस्मिक चिकित्सा जरूरतों के लिए पांच लाख रुपये तक की सुविधा का उल्लेख किया गया है।
आपातकालीन स्थिति में एयर एंबुलेंस की जरूरत पड़ने पर इसके लिए भी 10 लाख रुपये तक की सहायता की बात कही गई है। इन सुविधाओं का लाभ संबंधित बैंकिंग और योजना की पात्रता शर्तों के अनुसार मिलेगा।
बच्चों की पढ़ाई के लिए भी आर्थिक मदद
योगी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवार और बच्चों को भी नई व्यवस्था के दायरे में लाने की बात कही है।
घोषित बैंकिंग लाभों के अनुसार कर्मचारी के **बेटे की शिक्षा के लिए आठ लाख रुपये और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक** की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
इसके अलावा दो बेटियों की शादी के लिए आठ से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
इन घोषणाओं का मकसद कर्मचारी के परिवार को मुश्किल आर्थिक परिस्थितियों में अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराना बताया गया है।
कर्मचारी की मौत पर तत्काल 50 हजार रुपये
अगर किसी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को तत्काल आर्थिक मदद देने की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में बैंक के जरिए कर्मचारी के परिजनों को **तत्काल 50 हजार रुपये** उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह राशि दूसरी बीमा या सहायता राशि से अलग तत्काल मदद के तौर पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी कंपनी
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा नौकरी की सुरक्षा से जुड़ी है।
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कंपनी किसी कर्मचारी को सीधे और मनमाने तरीके से सेवा से नहीं निकाल सकेगी। अगर कंपनी किसी कर्मचारी को हटाना चाहती है तो उसे पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी।
इसके बाद मामले की जांच होगी। यदि कर्मचारी के खिलाफ कंपनी की रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो उसे मनमाने ढंग से नौकरी से हटाने की अनुमति नहीं होगी।
इस व्यवस्था को आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अभी तक एजेंसियों पर कर्मचारियों को अचानक हटाने और सेवा शर्तों में पारदर्शिता नहीं रखने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।
बढ़ेगा आउटसोर्स कर्मचारियों का पारिश्रमिक
सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक में भी बदलाव किया है। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कर्मचारियों के वेतन में **सात हजार रुपये तक की बढ़ोतरी** हुई है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को बढ़े हुए पारिश्रमिक के चेक भी सौंपे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी को उसकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक मिलना चाहिए। सरकार का प्रयास है कि सामाजिक भेदभाव के साथ आर्थिक भेदभाव भी समाप्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में स्थायी कर्मचारियों के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों, नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालय और अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक का कवर
स्वास्थ्य सुरक्षा को भी नई व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। आउटसोर्स कर्मचारियों का ESI अंशदान नियमित जमा करने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ESI अस्पतालों में कर्मचारियों को इलाज की सुविधा मिलेगी। अगर वहां किसी इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है तो कर्मचारियों को आयुष्मान भारत से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। इससे पात्र कर्मचारी और परिवार को **पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर** मिल सकेगा।
इससे आउटसोर्स कर्मचारियों को बीमारी की स्थिति में होने वाले बड़े खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं को मिलेगा मातृत्व अवकाश
महिला आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश सहित दूसरे वैधानिक सेवा लाभ सुनिश्चित करने की घोषणा भी की गई है।
सरकार का कहना है कि आउटसोर्स होने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि कर्मचारी जरूरी कानूनी और सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित रहे। इसलिए नई व्यवस्था में वैधानिक सेवा लाभों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने की तैयारी है।
ऑनलाइन और पारदर्शी होगी भर्ती
UPCOS के गठन का एक प्रमुख उद्देश्य आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
सरकार के मुताबिक आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती ऑनलाइन होगी। योग्यता और मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा और राज्य सरकार की आरक्षण नीति को भी लागू करने की बात कही गई है।
रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, बीमा और अन्य सेवा लाभों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी।
कर्मचारी पोर्टल पर अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस, भुगतान और वेतन से होने वाली कटौती जैसी जानकारी भी देख सकेगा।
बिचौलियों पर लगेगी लगाम
आउटसोर्सिंग व्यवस्था में एजेंसियों और कर्मचारियों के बीच बिचौलियों की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था में बिचौलियों पर निर्भरता कम की जाएगी।
पोर्टल आधारित व्यवस्था में विभाग, आउटसोर्स एजेंसी और कर्मचारी तकनीकी रूप से एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। इससे मैनपावर की जरूरत, खाली पदों और कर्मचारियों से संबंधित जानकारी का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।
सरकार का दावा है कि डिजिटल रिकॉर्ड होने से भुगतान में अनियमितता और कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ी शिकायतों पर निगरानी करना आसान होगा।
3.5 लाख कर्मचारियों के परिवारों को भी फायदा
उत्तर प्रदेश में फिलहाल साढ़े तीन लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी होने की बात मुख्यमंत्री ने कही है। सरकार का आकलन है कि उनके परिवारों को शामिल करने पर नई सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का प्रभाव **17 से 20 लाख लोगों** तक पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार UPCOS के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों को एक **ऑर्गनाइज्ड, स्किल्ड, सिक्योर और गरिमापूर्ण वर्कफोर्स** के रूप में विकसित करना चाहती है।
नई व्यवस्था में समय पर वेतन, EPF-ESI, स्वास्थ्य सुविधा, दुर्घटना बीमा, मातृत्व अवकाश, पारदर्शी भर्ती और मनमाने तरीके से नौकरी से हटाने पर रोक जैसे प्रावधान कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
हालांकि इन सभी लाभों की वास्तविक पहुंच संबंधित योजना, बैंकिंग उत्पाद, बीमा श्रेणी और पात्रता की शर्तों पर निर्भर करेगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि UPCOS के जरिए घोषित सुविधाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू होती हैं और आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का कितना समाधान हो पाता है।
Next Story