उत्तर प्रदेश

युवाओं के भविष्य की तैयारी में जुटी योगी सरकार, नई नीति में होंगे कई बड़े बदलाव

Ratna Netam
6 Aug 2026 7:26 PM IST
युवाओं के भविष्य की तैयारी में जुटी योगी सरकार, नई नीति में होंगे कई बड़े बदलाव
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक नई और व्यापक **एकीकृत युवा नीति** तैयार करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि यह नीति सरकार की ओर से थोपे गए किसी प्रारूप पर आधारित नहीं होगी, बल्कि प्रदेश के **16 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और जरूरतों** को समझने के बाद तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि बदलते समय और नई तकनीकों के अनुरूप युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए ऐसी नीति आवश्यक है, जो शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व विकास जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ जोड़ सके।
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नीति निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह सहभागितापूर्ण हो। इसमें विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों, युवा पेशेवरों और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सार्वजनिक डोमेन के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए जाएं, ताकि नीति वास्तविक जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बनाई जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए पहले से संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि हर पात्र युवा तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और आसान तरीके से पहुंच सके। उनका कहना था कि नई युवा नीति का स्वरूप ऐसा होना चाहिए, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार, डिजिटल सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति और नेतृत्व विकास जैसे सभी पहलुओं का समग्र समावेश हो।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक कौशल विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं को **कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन तकनीक, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों** में प्रशिक्षण देने की प्रभावी व्यवस्था की जाए। उनका मानना है कि आने वाले समय में रोजगार और उद्योग की दिशा तेजी से बदल रही है, इसलिए युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक होगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि **यूथ इन्क्यूबेशन सेंटर**, स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाएं और रोजगार सृजन कार्यक्रमों को मजबूत बनाया जाए। इसके अलावा युवाओं के लिए एक **एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म** विकसित किया जाए, जहां उन्हें करियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति, रोजगार से संबंधित जानकारी, जॉब मैचिंग और अन्य सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने **सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लायमेंट ज़ोन** की स्थापना का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने **मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना** को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं और अब इसे प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय तक विस्तार देने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आईएएस, आईपीएस अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी इस योजना से जोड़कर छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कई प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थान अपनी इकाइयां स्थापित करने के इच्छुक हैं। सरकार को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए जिससे प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का लाभ मिल सके।
युवा नीति में खेल गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक विकास खंड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रत्येक जिले में खेल उत्कृष्टता केंद्र तथा प्रत्येक मंडल में हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित करने की दिशा में कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने विधायक निधि से बनाए गए इनडोर स्टेडियमों के सकारात्मक परिणामों का भी उल्लेख किया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आधुनिक पुस्तकालयों, अध्ययन केंद्रों और रीडिंग स्पेस के विस्तार पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
नई युवा नीति के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, कौशल, तकनीक, खेल, नेतृत्व और नवाचार के क्षेत्र में सक्षम बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। सरकार का मानना है कि युवाओं की भागीदारी से तैयार यह नीति प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उन्हें आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
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