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Ramganga नदी का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ खंड विभाग अलर्ट मोड पर

Moradabad मुरादाबाद : लगातार हो रही बारिश के चलते मुरादाबाद में रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, उत्तराखंड स्थित कालागढ़ बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की संभावना ने प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभागीय अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की मॉनिटरिंग की जा रही है।
बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बीती रात रामगंगा नदी का जलस्तर 187.210 मीटर दर्ज किया गया था। शुक्रवार सुबह नदी का जलस्तर बढ़कर 187.250 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि अभी नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने पर नदी का जलस्तर और ऊपर जा सकता है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड के कालागढ़ बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की संभावना बनी हुई है। यदि बांध से पानी छोड़ा जाता है तो इसका सीधा असर मुरादाबाद जिले में रामगंगा नदी के जलस्तर पर पड़ेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि कालागढ़ बांध से छोड़ा गया पानी देर शाम या अगले दिन सुबह तक जिले में पहुंच सकता है। इसके बाद नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड विभाग ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के जलस्तर की हर घंटे जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग नदी के आसपास जाने से बचें और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें। प्रशासन की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।
बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश और बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके लिए पहले से तैयारियां की जा रही हैं। राहत और बचाव कार्यों से जुड़े विभागों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
स्थानीय प्रशासन ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों की व्यवस्था करने की तैयारी भी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है।
फिलहाल रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जिस तरह से बारिश जारी है और कालागढ़ बांध से पानी छोड़े जाने की संभावना बनी हुई है, उसे देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।





