उत्तर प्रदेश

Village के छात्रों को शहर जैसी सुविधा, योगी सरकार ने बनाई डिजिटल शिक्षा की नई व्यवस्था

Ratna Netam
11 July 2026 6:39 PM IST
Village   के छात्रों को शहर जैसी सुविधा, योगी सरकार ने बनाई डिजिटल शिक्षा की नई व्यवस्था
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Lucknow लखनऊ : ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब शहरों की ओर रुख करने की जरूरत कम होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में ही आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं, जहां युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल और प्रिंट दोनों माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

योजना के पहले चरण में प्रदेश के 32 जिलों की ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार की गई हैं। इन लाइब्रेरियों में छात्र-छात्राओं के लिए ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल क्विज सहित करीब 20 हजार से अधिक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना और उन्हें आईएएस, पीसीएस सहित अन्य सरकारी नौकरियों की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।

पंचायतीराज विभाग के अनुसार, पहले चरण में 11 हजार 350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें करीब दो लाख रुपये की लागत से पुस्तकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 1.30 लाख रुपये के आईटी उपकरण और लगभग 70 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इन डिजिटल लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों को पारंपरिक किताबों के साथ डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन लेक्चर और अभ्यास के लिए डिजिटल क्विज जैसी सुविधाएं छात्रों की तैयारी को मजबूत करेंगी।

पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री और इंटरैक्टिव क्विज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

योजना के तहत अब तक 10,406 ग्राम पंचायतों की लाइब्रेरियों में पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। वहीं 9,372 ग्राम पंचायतों में अत्याधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। शेष स्थानों पर भी काम तेजी से पूरा किया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी। इनका संचालन ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की देखरेख में होगा, जबकि संबंधित विभागीय अधिकारी नियमित निगरानी करेंगे।

सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत होगा और युवाओं को रोजगार से जुड़े बेहतर अवसर मिल सकेंगे। डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से गांवों के छात्र भी शहरों में उपलब्ध संसाधनों की तरह आधुनिक अध्ययन सामग्री का लाभ उठा पाएंगे।

पहले चरण में जिन 32 जिलों में पुस्तकों और फर्नीचर की 100 प्रतिशत आपूर्ति पूरी हो चुकी है, उनमें अयोध्या, प्रयागराज, गोरखपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, आगरा, कानपुर देहात, गौतम बुद्ध नगर, बांदा, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, देवरिया, हरदोई, शामली, एटा, सहारनपुर, फिरोजाबाद, कौशांबी, प्रतापगढ़, वाराणसी, ललितपुर, अमरोहा, कासगंज, इटावा, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, श्रावस्ती, रामपुर, लखीमपुर खीरी, जौनपुर, संभल और उन्नाव शामिल हैं।

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