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उत्तर प्रदेश
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे अयोध्या दीपोत्सव का शुभारंभ
Rajeshwari Nishad
6 Nov 2026 8:49 PM IST

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अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य और ऐतिहासिक दीपोत्सव के आयोजन के लिए तैयार है। दीपावली के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव-2026 को लेकर रामनगरी में उत्साह और उल्लास का वातावरण है। इस वर्ष दीपोत्सव का शुभारंभ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन पूज्य संतों और धर्माचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति में करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। दीपोत्सव के दौरान पवित्र सरयू नदी के 56 घाट असंख्य दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
अयोध्या में दीपोत्सव अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का प्रमुख उत्सव बन चुका है। हर वर्ष इस आयोजन की भव्यता बढ़ती जा रही है। रामनगरी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दीपोत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी आयोजन को यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
दसवें दीपोत्सव को लेकर सरयू नदी के घाटों को विशेष रूप से सजाने की योजना है। नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। जब ये दीप एक साथ जलेंगे, तब सरयू का तट रोशनी से जगमगा उठेगा। दीपों की चमक और नदी के जल में दिखाई देने वाला उनका प्रतिबिंब श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगा।दीपोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण लाखों दीपों का सामूहिक प्रज्वलन होता है। इस आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की पौराणिक परंपरा को जीवंत किया जाता है। मान्यता है कि चौदह वर्ष के वनवास और रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान श्रीराम जब अयोध्या लौटे थे, तब नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप देते हुए अयोध्या में हर वर्ष दीपोत्सव आयोजित किया जाता है।
इस वर्ष आयोजन में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन की उपस्थिति इसे विशेष महत्व प्रदान करेगी। संतों और धर्माचार्यों के सान्निध्य में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी भी आयोजन की गरिमा बढ़ाएगी।श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सजावट इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। भव्य मंदिर की वास्तुकला और उस पर पड़ने वाली आकर्षक रोशनी रामनगरी की सुंदरता को और बढ़ाएगी। मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दीपावली का यह अवसर विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा।
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर हुई थी। इसके बाद से इस आयोजन का विस्तार लगातार होता गया। दीपों की बढ़ती संख्या और आयोजन की भव्यता ने इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। दीपोत्सव ने अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।इस बार दीपोत्सव में नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप सजाए गए हैं। लगभग 35 हजार स्वयंसेवकों ने दीपों की व्यवस्था में योगदान दिया है। आयोजन की निगरानी के लिए 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
उपराष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, सी.पी. राधाकृष्णन 7 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे। वह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में हिस्सा लेंगे और संतों को सम्मानित करेंगे।इस वर्ष दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष समावेश किया गया है। करीब 2,100 स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से आकाश में रामायण के प्रसंगों को प्रदर्शित करने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त लेजर शो, थ्री-डी प्रोजेक्शन मैपिंग, रामलीला और विभिन्न राज्यों के कलाकारों की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
दीपोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहा है। प्रमुख मार्गों, घाटों और मंदिरों के आसपास आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजन का आनंद ले सकें।अयोध्या का दसवां दीपोत्सव आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक के संगम का भव्य उदाहरण बनने जा रहा है। लाखों दीपों की रोशनी, सरयू की महाआरती और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की आकर्षक सजावट के बीच पूरी रामनगरी दीपावली के उत्सव में सराबोर नजर आएगी।
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