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बिल्डर पर बड़ा एक्शन
नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के नियमों का उल्लंघन करने पर नोएडा के सेक्टर-113 स्थित GH-01 निर्माण परियोजना के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। बोर्ड ने परियोजना से जुड़ी कंपनी पर 25 लाख रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भेजा है।
जानकारी के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 5 नवंबर को निर्माणाधीन परियोजना का निरीक्षण किया था। इस दौरान प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित कई जरूरी व्यवस्थाएं नदारद मिलीं। निरीक्षण में सामने आया कि निर्माण स्थल पर लगाए गए चारों एंटी-स्मॉग गन काम नहीं कर रहे थे।
इसके अलावा निर्माणाधीन इमारत पर ग्रीन नेट नहीं लगाई गई थी। निर्माण स्थल पर सीसीटीवी कैमरे, टायर वॉशिंग सिस्टम और हवा में प्रदूषण के सूक्ष्म कणों की निगरानी करने वाले पीएम सेंसर भी नहीं पाए गए। जांच टीम ने पाया कि मिट्टी और निर्माण सामग्री खुले में रखी गई थी, जिससे धूल उड़ने और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा बना हुआ था। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी अन्य खामियां भी सामने आईं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय ने निरीक्षण रिपोर्ट मुख्य पर्यावरण अधिकारी को भेज दी है। इसमें मेसर्स GH113 (Comt Construction Pvt. Ltd.) के खिलाफ 25 लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाने की सिफारिश की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन अनिवार्य है। GRAP के तहत निर्माण गतिविधियों के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित उपाय अपनाने होते हैं। फिलहाल कंपनी पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। अंतिम कार्रवाई संबंधित अधिकारी के निर्णय के बाद होगी।
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