उत्तर प्रदेश

Varanasi: गंगा ने पार किया खतरे का निशान

Sarita
3 Aug 2025 7:11 AM IST
Varanasi:  गंगा ने पार किया खतरे का निशान
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Varanasi वाराणसी: केन-बेतवा और यमुना नदियों में उफान के कारण शनिवार देर रात काशी में गंगा खतरे के निशान को पार कर गईं। खतरे का निशान 71.26 मीटर है। जबकि केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रात 12 बजे तक गंगा का जलस्तर 71.31 मीटर तक पहुँच गया। जलस्तर तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो 1978 जैसी बाढ़ आ जाएगी। 7 सितंबर 1978 को जलस्तर 73.9 मीटर दर्ज किया गया था।
उधर, वरुणा और असि नदियों में उलटा बहाव होने से बाढ़ का पानी आबादी वाले इलाकों में पहुँच गया है। कई गाँव और मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मणिकर्णिका की गलियों में नावें चलने लगी हैं। अस्सी घाट में बाढ़ का पानी सड़कों तक पहुँच गया है।
उधर, कानपुर में गंगा बैराज से भी शनिवार को 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रविवार को 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। यह पानी प्रयागराज होते हुए पाँच से सात दिनों में काशी पहुँच जाएगा। इससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर 2022, 2023 और 2024 में भी खतरे के निशान को पार कर गया था, लेकिन तब जलस्तर बढ़ने की गति धीमी थी। इस बार जलस्तर बढ़ने की गति तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा है। अभी भारी बारिश हो रही है। रविवार सुबह नौ बजे तक जलस्तर 71.71 मीटर रहने का अनुमान है।
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