उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 तक राज्य से बाल श्रम को समाप्त करने के लिए मिशन अपनाया

Gulabi Jagat
27 May 2025 5:53 PM IST
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 तक राज्य से बाल श्रम को समाप्त करने के लिए मिशन अपनाया
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Lucknow, लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक राज्य को बाल श्रम से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य प्राप्ति हेतु श्रम विभाग के नेतृत्व में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज, गृह, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, नगरीय विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा विभागों के मध्य अभूतपूर्व समन्वय स्थापित किया गया है।
बाल श्रम उन्मूलन की राह में आंकड़ों की कमी और स्कूलों में बच्चों के ठहराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने ठोस और अभिनव कदम उठाए हैं, जो उत्तर प्रदेश को सशक्त और समृद्ध समाज की ओर ले जा रहे हैं।बाल श्रम को खत्म करने की सबसे बड़ी चुनौती विश्वसनीय आंकड़ों की अनुपलब्धता रही है, क्योंकि 2011 की जनगणना के बाद से इस संबंध में कोई व्यापक डेटा उपलब्ध नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए पंचायती राज विभाग को गांव स्तर पर काम करने वाले बच्चों और बाल मजदूरों के बारे में डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह डेटा श्रम और शिक्षा विभाग के साथ साझा किया जाएगा, ताकि बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। जल्द ही सभी जिलों में जिला टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो पंचायतों के साथ मिलकर डेटा संग्रह में तेजी लाएंगे। इसके अलावा, यूनिसेफ के सहयोग से विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक पुस्तिका में संकलित किया जाएगा, जिसमें बाल श्रमिकों और उनके परिवारों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं की जानकारी होगी। इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद बच्चे और उसके परिवार तक पहुंचे।
एक और बड़ी चुनौती उन बच्चों को स्कूलों में रोके रखना है जो नामांकन के बावजूद नियमित रूप से स्कूल नहीं आते और संभावित बाल श्रमिक की श्रेणी में आते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए महिला कल्याण विभाग की बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना और चाइल्ड हेल्पलाइन का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से बच्चों को शिक्षा और पुनर्वास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
सरकार की 'नया सवेरा' योजना का गुणात्मक मूल्यांकन किया जा रहा है तथा इसके पुनः क्रियान्वयन पर विचार किया जा रहा है, ताकि बाल श्रमिकों को बेहतर अवसर मिल सकें। जन जागरूकता के लिए 12 जून को अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), नियोजकों तथा श्रमिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संकल्प विभिन्न विभागों के समन्वय और सामूहिक प्रयासों से एक नए उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहा है। आंकड़ों के संकलन, जागरूकता अभियान और पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से सरकार न केवल बाल श्रम को समाप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, बल्कि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह अभियान 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा ।
योगी सरकार सभी मंडलों में श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय चला रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों और बाल श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। (एएनआई)
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