उत्तर प्रदेश

Processing फीस के नाम पर करते थे ठगी, पुलिस ने कॉल सेंटर किया सील

Ratna Netam
11 July 2026 5:10 PM IST
Processing फीस के नाम पर करते थे ठगी, पुलिस ने कॉल सेंटर किया सील
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Noida नोएडा : कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना फेस-1 पुलिस ने सेक्टर-2 स्थित एक कार्यालय में छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, पासबुक, कॉलिंग डेटा शीट, स्क्रिप्ट बुक, बिलिंग बुक और इंटरनेट राउटर समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर वज्र के तहत की गई। एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि थाना फेस-1 पुलिस को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने की जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डी-80, सेक्टर-2 स्थित कार्यालय के प्रथम तल पर छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीती को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है।

लोन दिलाने के नाम पर करते थे ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लोन की जरूरत वाले लोगों का डेटा जुटाते थे और फिर उन्हें फोन कर कम ब्याज दर पर तुरंत लोन उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। बातचीत के दौरान पीड़ितों को भरोसे में लेने के बाद उनसे लोन की प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर रकम जमा कराई जाती थी।

इसके बाद आरोपी पीड़ितों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और कई बार ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारियां भी हासिल कर लेते थे। रकम मिलने के बाद न तो लोन दिया जाता था और न ही पीड़ितों के पैसे वापस किए जाते थे। जब लोग संपर्क करने का प्रयास करते थे तो आरोपी फोन बंद कर देते थे या उन्हें अलग-अलग बहाने बनाकर टालते रहते थे।

संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से मिला सुराग

पुलिस के मुताबिक, थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 19 रेड जोन खातों और करीब 2500 मोबाइल नंबरों की जांच की गई। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों का अध्ययन करने के बाद पुलिस को इस फर्जी कॉल सेंटर तक पहुंचने में सफलता मिली।

जांच में सामने आया कि इस गिरोह के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर कई राज्यों से संबंधित 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके। साथ ही ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई, इसकी भी जांच की जा रही है।

नोएडा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। कम ब्याज पर तत्काल लोन, निवेश में भारी मुनाफे या अन्य आकर्षक योजनाओं के नाम पर आने वाले संदेशों और कॉल की सत्यता जरूर जांचें। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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