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जौनपुर की ग्राम पंचायतें होंगी हाईटेक, QR कोड से मिलेगी जानकारी

जौनपुर। जिले की सभी ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की गई है। अब ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों को जन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत जिले की सभी 1734 ग्राम पंचायतों को क्यूआर कोड जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था से ग्रामीणों को कई सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
प्रशासन की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य पंचायत भवनों को केवल बैठक स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें ग्रामीणों की सुविधा के लिए सक्रिय केंद्र बनाना है। पंचायत भवनों में डिजिटल सेवाओं की शुरुआत की गई है, जिससे लोगों को जरूरी दस्तावेज और अन्य सुविधाओं के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जानकारी के अनुसार, इन जन सुविधा केंद्रों के माध्यम से पिछले छह माह में करीब डेढ़ लाख भू-अभिलेख जारी किए जा चुके हैं। इनमें से निर्धारित शुल्क के तहत जारी किए गए 74 हजार अभिलेखों से ग्राम पंचायतों के ओन सोर्स रेवेन्यू (ओएसआर) खाते में 55 लाख रुपये जमा हुए हैं। इस राशि का उपयोग अब ग्राम विकास से जुड़े कार्यों में किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि ओएसआर खाते ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे पंचायतें अपने स्तर पर आय जुटा सकेंगी और गांवों के विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।
पंचायत भवनों में ग्रामीणों को सुविधा देने के लिए पंचायत सहायकों की तैनाती पहले ही की जा चुकी है। ये सहायक ऑनलाइन सेवाओं, दस्तावेज जारी करने और अन्य डिजिटल कार्यों में ग्रामीणों की मदद कर रहे हैं। क्यूआर कोड की व्यवस्था लागू होने से सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को आसानी से जानकारी मिल सकेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले कई पंचायत भवन खराब स्थिति में थे और उनका उपयोग सीमित था। अब इन भवनों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जा रहा है। जिले में कई पुराने पंचायत भवनों का जीर्णोद्धार कराया गया है, जबकि जरूरत के अनुसार नए भवनों का निर्माण भी कराया गया है।
इन पंचायत भवनों से अब भू-अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों में जाने की जरूरत कम हो गई है। साथ ही, सरकारी सेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने में भी मदद मिल रही है।
जिला पंचायत राज अधिकारी नवीन सिंह ने बताया कि पंचायत भवनों को जन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करना ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि ओएसआर खाते के माध्यम से पंचायतों को अपनी आय बढ़ाने और स्थानीय विकास कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड व्यवस्था से ग्रामीणों को पंचायत भवनों में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इससे डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और पंचायत स्तर पर कामकाज में पारदर्शिता आएगी।
गौरतलब है कि सरकार लगातार ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में पंचायत भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर जन सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जौनपुर में शुरू की गई यह पहल ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। आने वाले समय में पंचायत भवनों के माध्यम से और अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे गांवों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं मिल सकें।





