उत्तर प्रदेश

हापुड़ में यूरिया तस्करी का खुलासा, पुलिस सक्रिय

Saba Naaz
13 July 2026 4:12 PM IST
हापुड़ में यूरिया तस्करी का खुलासा, पुलिस सक्रिय
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हापुड़। जिले में किसानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले नीम कोटेड यूरिया का औद्योगिक उपयोग करने के मामले का कृषि विभाग ने खुलासा किया है। देहात थाना क्षेत्र के ततारपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में छापामारी कर 25 कट्टे नीम कोटेड यूरिया बरामद किया गया। इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, जिला कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि किसानों के खेतों में इस्तेमाल होने वाला नीम कोटेड यूरिया अवैध तरीके से औद्योगिक क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध वाहन की निगरानी की।

जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश के अनुसार, 9 जुलाई को सूचना मिली थी कि नीम कोटेड यूरिया से भरा एक वाहन ततारपुर औद्योगिक क्षेत्र की ओर जा रहा है। इसके बाद कृषि विभाग की टीम ने वाहन का पीछा किया। वाहन एक प्लाईवुड फैक्ट्री में पहुंचा, जहां से यूरिया के कट्टे उतारे जा रहे थे।

मौके पर पहुंची टीम ने फैक्ट्री में जांच की तो वहां 25 कट्टे नीम कोटेड यूरिया बरामद हुआ। इसके बाद नायब तहसीलदार श्वेता छापड़िया और कृषि विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से फैक्ट्री में छापामारी की। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक और फैक्ट्री से जुड़ा एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नीम कोटेड यूरिया किसानों के लिए निर्धारित होता है और इसका उपयोग खेती में किया जाता है। इसे औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों से किसानों को मिलने वाली खाद की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है और कृषि व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

छापामारी के बाद बरामद यूरिया को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग ने मामले में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी मुकदमा दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि किसानों को मिलने वाली खाद की कालाबाजारी और गलत इस्तेमाल रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति सरकारी व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली कृषि सामग्री का दुरुपयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय किसानों का कहना है कि खाद की उपलब्धता खेती के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति किसानों के हिस्से की खाद को दूसरे कार्यों में इस्तेमाल करता है तो इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखने की मांग की है।

फिलहाल हापुड़ में हुई इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग ने साफ किया है कि किसानों के लिए निर्धारित यूरिया के अवैध भंडारण और उपयोग के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से ऐसे मामलों पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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