उत्तर प्रदेश

अली के जनाजे वाले काफिले में बवाल 21 निजी वाहनों पर दर्ज हुआ केस

Ratna Netam
10 Aug 2026 8:31 PM IST
अली के जनाजे वाले काफिले में बवाल 21 निजी वाहनों पर दर्ज हुआ केस
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उत्तर प्रदेश : माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए जेल से प्रयागराज लाए गए उसके दोनों बड़े बेटों उमर और अली के काफिले को लेकर विवाद बढ़ गया है। दोनों के पुलिस काफिले के पीछे चल रही निजी गाड़ियों पर अलग-अलग टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने, कर्मचारियों से अभद्रता करने, धमकाने और कथित तौर पर वाहन चढ़ाने की कोशिश के आरोप लगे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिया है और संबंधित वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही है।
अली को झांसी जेल से प्रयागराज लाया गया था। पुलिस वैन के पीछे चल रही करीब 21 निजी गाड़ियों में सवार लोगों पर आरोप है कि उन्होंने अतीक अहमद के नाम का हवाला देकर टोल कर्मचारियों को धमकाया और बिना टोल दिए बैरियर पार करने की कोशिश की। यह मामला फतेहपुर के कटोघन और बड़ौरी टोल प्लाजा से जुड़ा है। दोनों टोल प्रबंधकों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
बड़ौरी टोल प्लाजा के प्रबंधक जितेंद्र सिंह के अनुसार, आठ अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे टोल बूथ नंबर छह से वाहनों का एक काफिला पहुंचा। उस समय अली को पुलिस अभिरक्षा में झांसी से प्रयागराज ले जाया जा रहा था। पुलिस की सरकारी गाड़ियों के पीछे कई निजी वाहन चल रहे थे। आरोप है कि इन वाहनों के चालक तेज रफ्तार में बिना टोल दिए बूथ पार करने की कोशिश कर रहे थे। कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।
टोल प्रबंधन का आरोप है कि कुछ वाहन सवारों ने कर्मचारियों की ओर गाड़ियां दौड़ाईं, जिसके कारण कर्मचारियों को किनारे हटकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस दौरान वाहन सवारों ने कथित तौर पर खुद को अतीक अहमद का आदमी बताया और जनाजे में जाने की बात कही। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इसी काफिले के कटोघन टोल प्लाजा पहुंचने पर भी विवाद होने का आरोप है। सहायक टोल मैनेजर सोनू सिंह के मुताबिक, शाम करीब पौने चार बजे लेन नंबर नौ पर तैनात कर्मचारियों ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि वाहन सवारों ने एकजुट होकर गाली-गलौज की और अतीक अहमद का नाम लेते हुए कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। कर्मचारियों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार, कटोघन टोल मैनेजर की तहरीर पर 11 और बड़ौरी टोल मैनेजर की शिकायत पर 10 वाहन चालकों और उनमें सवार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक वाहनों की पहचान हो चुकी है और सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अली के काफिले की तरह ही लखनऊ जेल से प्रयागराज लाए जा रहे उमर के काफिले को लेकर भी टोल प्लाजा पर विवाद सामने आया है। उमर की पुलिस वैन के पीछे चल रही निजी गाड़ियों पर प्रयागराज के नवाबगंज और प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र स्थित कोटिला अख्तियारी टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने और कर्मचारियों से अभद्रता करने के आरोप लगे हैं।
नवाबगंज टोल प्लाजा पर शनिवार दोपहर करीब 3:50 बजे उमर को लेकर जा रही प्रिजन वैन के पीछे कई निजी वाहन पहुंचे। आरोप है कि टोल बूथ पर बैरियर बंद होने के बावजूद काफिले में शामिल कुछ वाहनों ने उसे तोड़कर निकलने की कोशिश की। कर्मचारियों के रोकने पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दी गई। शिकायत में तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाकर कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। सहायक प्रबंधक जयप्रकाश यादव की तहरीर पर 28 से अधिक वाहनों के नंबरों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के कोटिला अख्तियारी टोल प्लाजा पर भी इसी तरह का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, प्रिजन वैन के निकलने के बाद पीछे से आई एक थार और स्कॉर्पियो पर बैरियर तोड़ने और कर्मचारी को वाहन से कुचलने के प्रयास का आरोप लगाया गया। टोल मैनेजर मोहम्मद इसहाक की शिकायत पर दोनों वाहनों के चालकों और उनके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर ने बताया कि टोल न देने के लिए बैरियर तोड़ने और कर्मचारी को वाहन से कुचलने के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अतीक अहमद के बेटे आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए उमर और अली को जेल से विशेष अनुमति के तहत प्रयागराज लाया गया था। दोनों को पुलिस सुरक्षा में अलग-अलग स्थानों से प्रयागराज ले जाया गया। इसी दौरान उनके पीछे चलने वाले निजी वाहनों को लेकर सामने आए मामलों ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि टोल प्लाजा पर दर्ज शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित निजी वाहनों में कौन लोग सवार थे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस वाहनों और उनके सवार लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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