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AI से तस्वीरें एडिट कर वायरल करने का आरोप, कॉलेज में मचा हड़कंप

Bareilly बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर अपराध का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक ही कॉलेज में पढ़ने वाली आठ छात्राओं की तस्वीरों को कथित तौर पर एआई (Artificial Intelligence) की मदद से एडिट कर अश्लील बनाया गया और फिर उन्हें फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए वायरल कर दिया गया। घटना सामने आने के बाद कॉलेज और छात्राओं के बीच हड़कंप मच गया है।
मामला इज्जतनगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, कॉलेज में पढ़ने वाले एक छात्र पर आरोप है कि उसने छात्राओं के इंस्टाग्राम अकाउंट से उनकी तस्वीरें निकाल लीं। इसके बाद कथित रूप से एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उन तस्वीरों को अश्लील रूप में बदल दिया और फर्जी नाम से बनाए गए इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर पोस्ट कर दिया।
बताया जा रहा है कि वायरल तस्वीरों में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं समेत आठ छात्राएं शामिल हैं। इन छात्राओं की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है। मामले की जानकारी तब हुई जब कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बीच इन तस्वीरों को लेकर चर्चा शुरू हुई। इसके बाद पूरे कॉलेज में हड़कंप मच गया।
घटना में एक पीड़िता पुलिसकर्मी की बेटी भी शामिल है। उसने हिम्मत दिखाते हुए इस मामले की जानकारी अपनी मां को दी। इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश शुरू की गई। छात्रा के भाई ने पुलिसकर्मियों की सहायता से आरोपी का मोबाइल नंबर पता लगाया।
पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी की पहचान, उसके सोशल मीडिया अकाउंट और तस्वीरें वायरल करने के पीछे की पूरी साजिश की जांच कर रही है।
शिकायत में बताया गया है कि यह घटना 29 जून की है। आरोप है कि छात्राओं के इंस्टाग्राम अकाउंट से उनकी तस्वीरें चोरी की गईं और फिर एआई तकनीक के जरिए उनमें बदलाव कर दिया गया। इसके बाद कई फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर इन तस्वीरों को पोस्ट किया गया।
घटना के बाद कई छात्राएं डर और बदनामी की वजह से अपने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दे पाईं। हालांकि, पुलिसकर्मी की बेटी ने साहस दिखाते हुए अपने परिवार को बताया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस का कहना है कि पीड़ित छात्राओं की पहचान और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल कर किसी की तस्वीरों से छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी तस्वीरें साझा करते समय सावधानी बरतें और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें।
फिलहाल पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





