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मेरठ के MIET में ‘UPRise 2026’ का आयोजन, युवाओं को नवाचार और स्टार्टअप से जोड़ने की पहल

मेरठ। उत्तर प्रदेश के युवाओं को केवल डिग्री आधारित शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें नवाचार, उद्यमिता और व्यावहारिक कौशल से जोड़ने की दिशा में ‘UPRise 2026’ अभियान आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मेरठ के MIET में कैंपस इनोवेशन और करियर ड्राइव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की रचनात्मक सोच को मंच देना, स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नए विचार सामने लाना और छात्रों को स्टार्टअप तथा रोजगार से जुड़े अवसरों के लिए तैयार करना रहा।
UPRise 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार की पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है और इसमें Times Network तथा Zoom की भागीदारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों को इनोवेशन, उद्यमिता, रोजगार, स्टार्टअप फंडिंग, मेंटरशिप और करियर विकास से जोड़ने के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मेरठ में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को केवल नौकरी खोजने वाले उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि समस्या समाधान करने वाले युवा नवप्रवर्तक के रूप में तैयार करने पर जोर दिया गया। छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि वे अपने आसपास की सामाजिक, तकनीकी, औद्योगिक और स्थानीय समस्याओं को पहचानें और उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करें।
कार्यक्रम का प्रमुख फोकस कैंपस स्तर पर इनोवेशन को बढ़ावा देना रहा। छात्रों को अपने विचार प्रस्तुत करने, उन्हें बेहतर बनाने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने का अवसर दिया गया।
UPRise 2026 के अन्य कैंपस आयोजनों में ‘Build for UP’ जैसे इनोवेशन पिचिंग प्लेटफॉर्म को भी प्रमुखता दी गई है, जहां छात्र उत्तर प्रदेश से जुड़ी वास्तविक समस्याओं और अवसरों पर आधारित अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य अच्छे विचारों को केवल कक्षा या प्रोजेक्ट फाइल तक सीमित न रखकर उन्हें आगे स्टार्टअप मॉडल में विकसित करने के लिए प्रेरित करना है।
मेरठ जैसे औद्योगिक और शैक्षणिक शहर में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए खास माना जा रहा है। यहां इंजीनियरिंग, प्रबंधन और तकनीकी शिक्षा से जुड़े बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं। ऐसे छात्रों के पास तकनीकी ज्ञान तो होता है, लेकिन कई बार उन्हें अपने विचार को व्यावसायिक मॉडल में बदलने का अवसर नहीं मिल पाता।
UPRise 2026 के माध्यम से इसी अंतर को कम करने की कोशिश की जा रही है। छात्रों को यह जानकारी दी जा रही है कि किसी आइडिया को स्टार्टअप में बदलने के लिए केवल तकनीकी समाधान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि बाजार की जरूरत, लागत, उपयोगकर्ता की समस्या, बिजनेस मॉडल और निवेश की समझ भी जरूरी होती है।
कार्यक्रम में करियर विकास को भी समान महत्व दिया गया। छात्रों को रोजगार के बदलते स्वरूप और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
आज कई कंपनियां केवल शैक्षणिक डिग्री के आधार पर उम्मीदवारों का चयन नहीं करतीं, बल्कि समस्या समाधान क्षमता, संचार कौशल, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और व्यावहारिक अनुभव को भी महत्व देती हैं। ऐसे में कैंपस स्तर पर इस तरह के करियर ड्राइव छात्रों को उद्योग की अपेक्षाओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में छात्रों को उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। युवाओं से कहा गया कि वे नौकरी के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी सोचें।
किसी स्थानीय समस्या का प्रभावी समाधान यदि बड़े स्तर पर उपयोगी हो सकता है तो उसे स्टार्टअप के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके लिए छात्रों को मेंटरशिप, नेटवर्किंग और निवेश से जुड़ी जानकारी की जरूरत होती है।
UPRise 2026 का उद्देश्य छात्रों को इसी स्टार्टअप ईकोसिस्टम से जोड़ना है। राज्य के अन्य कैंपस आयोजनों में उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों और निवेशकों द्वारा छात्र संस्थापकों को बिजनेस मॉडल, स्केलिंग और पूंजी जुटाने से जुड़ा मार्गदर्शन भी दिया गया है।
मेरठ के कार्यक्रम में स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विशेष जोर दिया गया। इससे छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि नवाचार केवल बड़ी तकनीकी कंपनियों या महानगरों तक सीमित नहीं है।
कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यावरण, कचरा प्रबंधन, पानी, छोटे उद्योग और ग्रामीण सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर नए समाधान तैयार किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों की रचनात्मक क्षमता और व्यावहारिक सोच को सामने लाने की कोशिश की गई। ऐसे मंच युवा प्रतिभाओं की पहचान में मदद कर सकते हैं और उन्हें आगे उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का रास्ता भी खोलते हैं।
UPRise 2026 अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के कई शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह पहल छात्रों को राज्य के अलग-अलग कैंपसों में इनोवेशन और करियर के अवसरों से जोड़ रही है।
सरकार का जोर युवाओं को केवल परंपरागत नौकरी आधारित सोच से आगे बढ़ाकर उद्यमिता और नवाचार की दिशा में प्रेरित करने पर है।
तकनीकी शिक्षा लेने वाले छात्रों के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके पास नए उत्पाद, डिजिटल सेवाएं और तकनीकी समाधान विकसित करने की क्षमता होती है।
इसी तरह प्रबंधन के छात्रों को बिजनेस मॉडल, बाजार और संचालन से जुड़ी भूमिका निभाने का अवसर मिल सकता है।
ऐसे में अलग-अलग विषयों के छात्र मिलकर टीम बनाएं तो किसी विचार को अधिक मजबूत स्टार्टअप मॉडल में बदला जा सकता है।
मेरठ के MIET में आयोजित UPRise 2026 कार्यक्रम ने इसी सोच को आगे बढ़ाया। छात्रों को मंच, संवाद और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उनके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य युवाओं को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें ऐसे नवप्रवर्तक और उद्यमी के रूप में विकसित करना है जो स्थानीय समस्याओं के समाधान खोज सकें।
फिलहाल UPRise 2026 अभियान राज्य के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को इनोवेशन और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए आगे बढ़ रहा है।
मेरठ का आयोजन भी इसी श्रृंखला का हिस्सा रहा, जहां छात्रों को अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत करने, करियर विकल्प समझने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।





