उत्तर प्रदेश

UPESSC ने बनाई विशेषज्ञ समिति, HC को दी जानकारी

Saba Naaz
21 July 2026 5:02 PM IST
UPESSC ने बनाई विशेषज्ञ समिति, HC को दी जानकारी
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प्रयागराज। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा-2026 के अंग्रेजी विषय में पूछे गए चार सवालों को लेकर चल रहे विवाद पर अब विशेषज्ञ समिति जांच करेगी। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को जानकारी दी है कि प्रश्न संख्या 3, 11, 12 और 100 की दोबारा समीक्षा के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित कर दी गई है। मामले की अगली सुनवाई अब 30 जुलाई को होगी।

यह मामला आदित्य कुमार सिंह समेत 17 अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने TGT अंग्रेजी भर्ती परीक्षा में पूछे गए कई सवालों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा में कई प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के थे और कुछ सवालों के उत्तर को लेकर भी आपत्ति है।

सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि विवादित चार प्रश्नों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। आयोग ने कोर्ट से इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 10 दिन का समय मांगा है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा, शिवेंदु ओझा और उमंग चंद्रा गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत के सामने चार प्रश्नों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं। याचिका में कुल 37 प्रश्नों को चुनौती दी गई है, जिनमें कई सवालों को पाठ्यक्रम से बाहर बताया गया है।

इससे पहले 16 जुलाई को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने कहा था कि यदि विशेषज्ञ समिति की जांच में किसी प्रश्न में गलती सामने आती है तो अदालत उस पर आंख बंद नहीं कर सकती। कोर्ट ने परीक्षा की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मामले की गंभीरता से समीक्षा करने की बात कही थी।

आयोग की ओर से पिछली सुनवाई में अदालत को बताया गया था कि विशेषज्ञ समिति ने 37 विवादित प्रश्नों की जांच की थी। जांच में 29 प्रश्नों को वास्तव में पाठ्यक्रम से बाहर माना गया है। अब शेष चार प्रमुख सवालों की दोबारा समीक्षा के लिए नई विशेषज्ञ समिति बनाई गई है।

TGT अंग्रेजी भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परिणाम और प्रश्नों की शुद्धता को लेकर चिंतित हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों की सही जांच जरूरी है, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो।

अब विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विवादित प्रश्नों में कोई त्रुटि है या नहीं। कोर्ट ने आयोग को तय समय में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी, जहां विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और आयोग के जवाब पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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