उत्तर प्रदेश

UP : कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनें घंटों लेट

Kavita2
11 July 2026 10:10 AM IST
UP : कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनें घंटों लेट
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कानपुर : उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल कानपुर सेंट्रल पर शनिवार को भी ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला जारी रहा। कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों की देरी से स्टेशन पहुंचीं और रवाना हुईं। इसके चलते यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही बड़ी संख्या में यात्री अपनी ट्रेनों का इंतजार करते दिखाई दिए। कई यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने की चिंता सताती रही, जबकि कुछ यात्रियों की आगे की यात्रा और अन्य ट्रेनों से कनेक्टिविटी भी प्रभावित हुई। लगातार हो रही देरी के कारण स्टेशन परिसर में यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई।

जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 01079 गोरखपुर फेयर स्पेशल लगभग छह घंटे की देरी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। निर्धारित समय पर ट्रेन के नहीं पहुंचने से यात्रियों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा। कई यात्री अपने परिवार के साथ स्टेशन पर बैठे रहे और रेलवे की सूचना प्रणाली से लगातार ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेते रहे।

इसी प्रकार 12556 गोरखधाम एक्सप्रेस भी करीब ढाई घंटे की देरी से चली। यह ट्रेन पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ती है, इसलिए इसके विलंब का असर बड़ी संख्या में यात्रियों पर पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें जरूरी कार्यों, व्यावसायिक बैठकों और पारिवारिक कार्यक्रमों में समय पर पहुंचने में कठिनाई हुई।

इसके अलावा गोरखपुर मार्ग से होकर चलने वाली छपरा एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से विलंबित रही। इस कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर बार-बार ट्रेन के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव की घोषणाएं होती रहीं, जिससे यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी रही।

स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि लंबे इंतजार के दौरान उन्हें बैठने की जगह, भोजन और पेयजल जैसी सुविधाओं को लेकर भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण रही। कई यात्रियों ने कहा कि लगातार देरी के कारण उनकी पूरी यात्रा योजना प्रभावित हो गई।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों के संचालन में विभिन्न परिचालन कारणों से समय प्रभावित हो सकता है। किसी एक ट्रेन के विलंब का असर अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ता है, जिससे कई गाड़ियां अपने निर्धारित समय से पीछे चलने लगती हैं। हालांकि संबंधित अधिकारियों ने ट्रेनों के संचालन को सामान्य करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाने की बात कही है।

कानपुर सेंट्रल उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लंबी दूरी और क्षेत्रीय ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में किसी भी ट्रेन के विलंब का प्रभाव कई अन्य ट्रेनों और हजारों यात्रियों पर पड़ता है। स्टेशन पर यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण थोड़ी सी भी देरी से प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ जाती है।

रेलवे स्टेशन पर सूचना केंद्रों और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाती रही। इसके बावजूद कई यात्री बार-बार पूछताछ काउंटर पर पहुंचकर अपनी ट्रेन की स्थिति जानने का प्रयास करते रहे।

यात्रियों ने रेलवे से मांग की कि ट्रेनों के विलंब की स्थिति में समय पर और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकें। कुछ यात्रियों ने यह भी सुझाव दिया कि लंबी देरी की स्थिति में प्लेटफॉर्म पर पेयजल, बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए।

रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेनों का समय पर संचालन यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ पूरे रेल नेटवर्क के सुचारु संचालन के लिए भी आवश्यक है। यदि किसी कारणवश ट्रेनें विलंबित होती हैं तो समय पर सूचना और बेहतर प्रबंधन से यात्रियों की परेशानी काफी हद तक कम की जा सकती है।

फिलहाल कानपुर सेंट्रल होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें शनिवार को भी निर्धारित समय से देरी से संचालित हुईं। इससे यात्रियों को घंटों तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा और उनकी यात्रा प्रभावित हुई। रेलवे प्रशासन ट्रेनों के संचालन को सामान्य बनाने के प्रयास में जुटा है, जबकि यात्री समय-समय पर रेलवे के आधिकारिक सूचना माध्यमों से अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।

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