उत्तर प्रदेश

लखनऊ अग्निकांड: 15 युवाओं की मौत वाली इमारत पर चलेगा बुलडोजर

Kavita2
11 July 2026 9:13 AM IST
लखनऊ अग्निकांड: 15 युवाओं की मौत वाली इमारत पर चलेगा बुलडोजर
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित उस इमारत, जिसमें भीषण आग लगने से 15 युवाओं की मौत हो गई थी, अब ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन को अवैध निर्माण मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। भवन मालिक को स्वयं निर्माण गिराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं की जाती है, तो प्राधिकरण खुद भवन को ध्वस्त करेगा और पूरी कार्रवाई का खर्च भवन स्वामी से वसूलेगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के विहित प्राधिकारी अतुल कुमार ने शुक्रवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या 102 पर निर्मित भवन को नियमानुसार हटाया जाना है। प्रशासन का कहना है कि भवन निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया गया था और संबंधित निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था।

आदेश जारी होने के बाद LDA के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भवन पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा किया। नोटिस के माध्यम से भवन स्वामी को सूचित किया गया है कि वह 15 दिनों के भीतर स्वयं भवन को गिरा दे। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो LDA अपने स्तर पर बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त करेगा।

प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी मशीनरी द्वारा ध्वस्तीकरण की स्थिति में पूरी कार्रवाई पर आने वाला खर्च भवन मालिक से वसूला जाएगा। इसके लिए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

गौरतलब है कि इसी भवन में कुछ समय पहले भीषण आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें 15 युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और सुरक्षा मानकों तथा अवैध निर्माण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे। घटना के बाद प्रशासन ने भवन की जांच कराई, जिसमें निर्माण संबंधी विभिन्न अनियमितताओं की जांच की गई।

अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से मामले की समीक्षा की थी। जांच के दौरान भवन की स्वीकृत योजना, निर्माण की वैधता और सुरक्षा प्रावधानों की भी पड़ताल की गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया।

प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिन इमारतों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी या जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

LDA अधिकारियों के अनुसार, ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के बाद भवन स्वामी को अपना पक्ष रखने और स्वयं कार्रवाई करने का अवसर दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी निर्माण नहीं हटाया जाता, तो बिना किसी अतिरिक्त देरी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

शहर में इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अग्निकांड जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए भवन निर्माण नियमों का सख्ती से पालन कराना आवश्यक है। विशेष रूप से ऐसे भवन, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते या काम करते हैं, वहां अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, विद्युत व्यवस्था और निर्माण मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले भवनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भवन मालिकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल अलीगंज सेक्टर-डी स्थित इस भवन के मालिक को 15 दिनों की अंतिम मोहलत दी गई है। यदि वह इस अवधि में स्वयं निर्माण नहीं हटाता, तो लखनऊ विकास प्राधिकरण बुलडोजर चलाकर भवन को ध्वस्त करेगा। इसके साथ ही ध्वस्तीकरण पर होने वाला पूरा खर्च भी भवन स्वामी से वसूला जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

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