उत्तर प्रदेश

Up News: दाम 2 रुपए किलो, गुस्साए किसान ने सड़क पर फेंके 5 क्विंटल टमाटर

Sarita
27 March 2025 11:38 AM IST
Up News: दाम 2 रुपए किलो,  गुस्साए किसान ने सड़क पर फेंके 5 क्विंटल टमाटर
x
Up News :टमाटर के दाम कभी किसानों को मालामाल कर देते हैं, तो कभी कर्ज के बोझ तले दबा देते हैं. इस बार टमाटर के गिरते दामों ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. मुनाफा तो दूर की बात है, उन्हें टमाटर को मंडी तक ले जाने का भाड़ा भी नहीं मिल पा रहा है. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में एक टमाटर किसान ने सही दाम न मिलने पर अपनी कई क्विंटल फसल सड़क पर फेंक दी. किसान निराश और खाली जेब घर लौट आया. हमीरपुर के किसान ने अपने 5 क्विंटल टमाटर आवारा जानवरों को खिला दिए|
यह किसान अपने घर से टमाटर लेकर सब्जी मंडी पहुंचा था, जहां घर से मंडी तक टमाटर पहुंचाने का खर्च 30 रुपये प्रति क्रेट था, लेकिन मंडी में टमाटर महज 20 से 25 रुपये प्रति क्रेट खरीदा जा रहा था. उसे महज 2 से 3 रुपये प्रति किलो का भुगतान किया जा रहा था. इन पैसों से वह अपनी उत्पादन की लागत भी नहीं निकाल पा रहा था, इससे परेशान होकर उसने अपने सारे टमाटर मंडी में ही फेंक दिए. 2-3 रुपए किलो बिक रहे थे किसान
मामला हमीरपुर जिला मुख्यालय के सदर सब्जी बाजार का है, जहां साप्ताहिक सब्जी मंडी लगती है। कुरारा थाना क्षेत्र के कुसमरा गांव निवासी राजकुमार भी अपने 5 कुंतल टमाटर बेचने मंडी पहुंचे थे। यहां जब उनके टमाटरों की नीलामी हुई तो वह महज 20 से 25 रुपए प्रति क्रेट के हिसाब से बिके। जबकि, उनके घर से टमाटर मंडी तक लाने का खर्च 30 रुपए प्रति क्रेट था। इस हिसाब से उनके टमाटर महज 2 से 3 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहे थे।
मायूस होकर घर लौटा किसान
मंडी में बिकने वाले टमाटरों का खुदरा रेट 10 रुपए प्रति किलो था। इस रेट पर किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहा था। मजबूरन उसे अपने सारे टमाटर मंडी में ही आवारा जानवरों के सामने फेंकना पड़ा और मायूस होकर घर चला गया। इसी बीच जानवरों का झुंड किसान द्वारा फेंके गए टमाटरों को खाने के लिए टूट पड़ा। सब्जी खरीदने गए कुछ लोगों ने भी मुफ्त में मिले टमाटर लूट लिए और घर ले गए। किसान राजकुमार के अनुसार, मंडी में जो भाव मिल रहा है, उससे उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है और उन्हें घाटा हो रहा है। इससे अच्छा है कि पशुओं को चारा खिला दिया जाए।
सरकार के किसानों को लाभ पहुंचाने के तमाम दावों के बावजूद उन्हें उनकी फसलों का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले में कोई बड़ी सब्जी मंडी नहीं है, जहां किसान अपनी सब्जियां बेचकर बाहर की मंडियों में भेज सकें। किसानों की मांग है कि सरकार किसानों की उपज को उचित मंच देने के लिए मंडी बनाए, ताकि बुंदेलखंड के गरीब किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।
Next Story