उत्तर प्रदेश

Up News: मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबे 12 लोग, छह दिन तक चला तलाशी अभियान

Sarita
8 Oct 2025 7:34 AM IST
Up News: मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबे  12 लोग, छह दिन तक चला तलाशी अभियान
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Up News: खेरागढ़ के कुसियापुर गाँव में अवैध खनन ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। मंगलवार सुबह दो शव बरामद हुए, एक दोपहर में और आखिरी शव लापता व्यक्ति हरेश का शाम को बरामद हुआ। उत्तांग नदी में 25 फुट गहरा और छह मीटर चौड़ा गड्ढा 12 जिंदगियों के लिए भंवर बन गया, जिससे वे बच नहीं पाए। 12 शव छह मीटर के दायरे से बरामद किए गए। इस क्षेत्र को छोड़कर, उत्तांग नदी का पानी तीन फुट से ज़्यादा गहरा नहीं है।
मंगलवार सुबह तलाशी अभियान के दौरान, सचिन उर्फ ​​महावीर पुत्र रामवीर का शव बरामद हुआ। कुछ ही देर बाद दीपक का शव भी बरामद हुआ। दोपहर में गजेंद्र का शव नदी से निकाला गया। शाम को हरेश का शव बरामद हुआ। यह सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 2 अक्टूबर को उत्तांग नदी में जिस जगह 12 लोग लापता हुए थे, उसके ठीक सामने 20 फुट चौड़ी कच्ची सड़क है, जहाँ से रेत का खनन होता है। ये युवक इसी रास्ते से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए लाए थे। नदी तट पर जलस्तर कम था, इसलिए उन्होंने प्रतिमा को लगभग एक फुट पानी में रखा और नदी में उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ये युवक पानी में उतरे, तो उनमें से एक युवक अचानक एक गड्ढे में गिर गया, जिससे वह कुएँ जैसी गहराई में गिर गया। उसके साथ अन्य युवक भी नदी में गिर गए। अभिषेक, भगवती, विनेश और ओकेश के शव मिट्टी की परत के नीचे दबे मिले। एनडीआरएफ के 60 जवान और 50 पैरा ब्रिगेड की 411 पैरा फील्ड यूनिट के 19 सदस्य युवकों की तलाश में जुटे हैं।
हादसे में डूबने से बचाए गए विष्णु को जब सीन रीक्रिएट करने के लिए लाया गया, तो उसने नदी में उतरने से लेकर बाहर निकलने तक की पूरी घटना एनडीआरएफ और सेना के विशेषज्ञों को बताई। विष्णु ने बताया कि नदी में पानी कम था, लेकिन जिस जगह हादसा हुआ, वहाँ अचानक पैर ऐसे धँस गए जैसे कोई कुआँ हो। यहाँ 25 फीट से ज़्यादा गहरा गड्ढा था जो खनन की वजह से बना था। आमतौर पर नदी में पानी नहीं होता। उत्तांग में कई सालों बाद इतना पानी आया। एनडीआरएफ इंस्पेक्टर विनोद कुमार के मुताबिक, उत्तांग में जिस जगह हादसा हुआ, वहाँ सिर्फ़ 25 फीट गहरा गड्ढा ही नहीं है, बल्कि पास में 15 फीट से भी ज़्यादा गहरे गड्ढे हैं जो खनन की वजह से बने हैं। मूर्ति विसर्जन के लिए आए लोगों को इन गड्ढों का पता नहीं चला और वे हादसे का शिकार हो गए।
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