उत्तर प्रदेश

माहवारी स्वास्थ्य पर यूपी सरकार का नया कदम छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन

nidhi
20 Sept 2026 10:46 AM IST
माहवारी स्वास्थ्य पर यूपी सरकार का नया कदम छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन
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नई नीति मुफ्त सैनिटरी नैपकिन की सुविधा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार किशोरियों के माहवारी स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर नई राज्य स्तरीय नीति तैयार करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा छह से 12वीं तक पढ़ने वाली सभी छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का दायरा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ स्कूल छोड़ चुकी और स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों तक बढ़ाने की भी तैयारी है।
इस संबंध में राज्य स्तरीय माहवारी स्वास्थ्य
एवं स्वच्छता समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष ने की। इसमें किशोरियों तक स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा की गई।
नई व्यवस्था में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि सैनिटरी नैपकिन की सुविधा केवल स्कूल जाने वाली छात्राओं तक सीमित न रहे। पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी किशोरियों और किसी कारण से स्कूल नहीं जा रहीं लड़कियों तक भी मुफ्त सैनिटरी नैपकिन पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। वंचित और स्कूल से बाहर रहने वाली किशोरियों को विशेष प्राथमिकता देने की योजना है।
सरकार केवल सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने तक योजना को सीमित नहीं रखना चाहती। स्कूलों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन और किशोरावस्था से संबंधित जागरूकता सत्रों को नियमित शैक्षिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने की तैयारी है। छात्राओं को माहवारी शुरू होने से पहले ही इससे संबंधित जरूरी जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा। माहवारी से जुड़े मिथकों, भ्रांतियों और सामाजिक झिझक को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों के साथ डिजिटल और सामाजिक माध्यमों का इस्तेमाल करने की योजना है। सुरक्षित माहवारी व्यवहार और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी सही जानकारी किशोरियों तक पहुंचाना नीति का अहम हिस्सा होगा।
प्रदेश सरकार माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी अलग-अलग योजनाओं को एक नीति के तहत लाने की तैयारी कर रही है। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरे संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सेवाओं को संस्थागत रूप देने की योजना है। अधिकारियों को स्कूलों में स्वच्छता व्यवस्था और किशोरियों के लिए सुरक्षित वातावरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना के लिए वित्तीय स्तर पर भी बड़ी व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट दस्तावेज के मुताबिक छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन की सुविधा देने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
माहवारी के दौरान स्वच्छता सुविधाओं की कमी छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकती है। इसी वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने भी मासिक धर्म स्वास्थ्य को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार से जोड़ते हुए स्कूलों में छात्राओं के लिए मुफ्त सैनिटरी नैपकिन और जरूरी स्वच्छता सुविधाओं पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे। उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित नीति में अब सैनिटरी नैपकिन वितरण के साथ जागरूकता, सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था और स्कूल से बाहर की किशोरियों तक पहुंच पर एक साथ काम करने की तैयारी है।
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