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- UP : नशाखोरी से देह...

यूपी | उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में कैफे, होम स्टे और रूफटॉप रेस्तरां अब केवल खान-पान और आराम के ठिकाने नहीं रह गए हैं। यहां अवैध गतिविधियों की जड़ें तेजी से फैल रही हैं, जिसमें नशाखोरी से लेकर देह व्यापार तक शामिल है। पुलिस और प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन कई जगहों पर यह कारोबार बेखौफ जारी है।
कैसे फल-फूल रहा है गंदा कारोबार?
कुछ कैफे और रूफटॉप रेस्तरां में शाम ढलते ही माहौल बदल जाता है। यहां युवाओं के लिए शराब और ड्रग्स आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा होम स्टे के नाम पर गेस्ट हाउस और छोटे होटल भी संदिग्ध गतिविधियों के अड्डे बन रहे हैं, जहां देह व्यापार का धंधा चल रहा है।
कई शहरों में खुलासे, लेकिन कार्रवाई धीमी
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और नोएडा जैसे बड़े शहरों में छापेमारी के दौरान कई बार ऐसे मामलों का पर्दाफाश हुआ है।
कुछ कैफे और होटलों से संदिग्ध युवतियों और ग्राहकों को हिरासत में लिया गया, लेकिन कुछ दिनों बाद यह कारोबार फिर से शुरू हो जाता है।
प्रशासन की कार्रवाई अक्सर दिखावे तक सीमित रह जाती है, जिससे इस अवैध धंधे को बढ़ावा मिल रहा है।
कैसे हो रहा है देह व्यापार?
सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर ग्राहकों को बुलाया जाता है।
होम स्टे और छोटे होटलों में बिना सही दस्तावेज के कमरे उपलब्ध कराए जाते हैं।
कुछ हाई-प्रोफाइल कैफे और रूफटॉप रेस्तरां में ‘वीआईपी’ सेवाओं के नाम पर गुप्त रूप से यह अवैध धंधा चलता है।
पुलिस की चुनौती
पुलिस प्रशासन को इन मामलों पर लगाम लगाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर कई बार राजनीतिक दबाव या प्रशासनिक लापरवाही के कारण कार्रवाई अधूरी रह जाती है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी कर ऐसे गिरोहों का पर्दाफाश किया है।
जनता को सतर्क रहने की जरूरत
अगर किसी को अपने क्षेत्र में इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। समाज को भी ऐसे मामलों के प्रति जागरूक रहना होगा, ताकि यह गंदा कारोबार और न बढ़ सके।





