- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- UP Breaking : बिजली...

यूपी | उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी आज मेरठ में महापंचायत करेंगे, जिसमें निजीकरण के फैसले के खिलाफ रणनीति तय की जाएगी। इस महापंचायत में विभिन्न जिलों से बिजली इंजीनियर, तकनीशियन और संविदा कर्मी शामिल होंगे।
क्यों हो रहा है विरोध?
बिजलीकर्मियों का कहना है कि अगर बिजली विभाग का निजीकरण हुआ, तो इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और कर्मचारियों की नौकरियां भी खतरे में पड़ जाएंगी। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली वितरण का निजीकरण करना चाहती है।
महापंचायत में कर्मचारी संगठनों के नेता सरकार को चेतावनी देंगे कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
संविदा कर्मियों को भी नहीं मिल रहा न्याय
संविदा पर काम कर रहे बिजली कर्मचारियों की भी सबसे बड़ी समस्या वेतन और नौकरी की सुरक्षा है। वे पहले से ही अस्थायी नौकरियों और कम वेतन से जूझ रहे हैं, ऐसे में निजीकरण से उनकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि बिजली वितरण निजी हाथों में जाने से ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और स्थायी नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
क्या कह रही सरकार?
सरकार का दावा है कि बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए निजीकरण जरूरी है। इससे सेवा की गुणवत्ता बेहतर होगी और घाटे में चल रहे बिजली विभाग को फायदा होगा। लेकिन कर्मचारी इसे जनता और श्रमिकों के हितों के खिलाफ बता रहे हैं।
आगे की रणनीति
अगर सरकार ने निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया, तो बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इससे प्रदेश में बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है और आम जनता को परेशानी हो सकती है।
महापंचायत के बाद कर्मचारी संगठन आगे की रणनीति घोषित करेंगे। अब देखना होगा कि सरकार इस विरोध को कैसे संभालती है और क्या कर्मचारियों की मांगें मानी जाएंगी या नहीं।





