उत्तर प्रदेश

UP News : यूपी समेत 10 राज्यों में सक्रिय दवा माफिया, बांग्लादेश तक नेटवर्क

Uma Verma
24 March 2025 10:01 AM IST
UP News : यूपी समेत 10 राज्यों में सक्रिय दवा माफिया, बांग्लादेश तक नेटवर्क
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यूपी | उत्तर प्रदेश समेत देश के 10 राज्यों में दवा माफिया का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जो प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की तस्करी कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि कई बड़े माफिया जेल से रिहा होने के बाद भी अपने धंधे से पीछे नहीं हट रहे हैं। इनका नेटवर्क बांग्लादेश तक फैला हुआ है, जहां ये दवाओं की तस्करी कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

कैसे काम करता है यह नेटवर्क?

सूत्रों के मुताबिक, यह माफिया यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में फैला हुआ है। ये प्रतिबंधित और नशीली दवाओं को फर्जी मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन फार्मेसी और गैरकानूनी फैक्ट्रियों के जरिए सप्लाई करते हैं।

  • ये माफिया ड्रग्स को बांग्लादेश भेजने के लिए सीमावर्ती इलाकों में एक्टिव एजेंट्स का इस्तेमाल करते हैं।

  • फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए मेडिकल कंपनियों से ये बड़ी मात्रा में दवाएं खरीदते हैं और उन्हें अवैध तरीके से सप्लाई करते हैं।

  • जेल से रिहा होने के बाद भी ये माफिया नाम बदलकर अपना धंधा जारी रखते हैं और नए लोगों को अपने गिरोह में शामिल कर लेते हैं।

बांग्लादेश से कैसे जुड़ा धंधा?

  • बांग्लादेश में कई दवाओं पर कड़ा प्रतिबंध है, लेकिन भारत में ये आसानी से मिल जाती हैं। इस कारण माफिया इन्हें अवैध तरीके से वहां भेजकर मोटा मुनाफा कमाते हैं।

  • भारत-बांग्लादेश सीमा पर कई स्मगलिंग रूट तैयार किए गए हैं, जहां से ये खेप आसानी से पार कराई जाती है।

  • ड्रग्स तस्करी में फर्जी कंपनियों और एजेंटों का इस्तेमाल किया जाता है, जो ट्रैकिंग से बचने के लिए हर बार अलग-अलग नामों से डील करते हैं।

पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर

  • हाल ही में यूपी पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने कई बड़े माफियाओं की गिरफ्तारी की है, लेकिन इस रैकेट के मुख्य सरगना अब भी फरार हैं।

  • जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन और सप्लाई चेन की जांच कर रही हैं।

  • बांग्लादेश सीमा पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तस्करी को रोका जा सके।

सरकार की सख्ती और आगे की रणनीति

  • सरकार अब ऑनलाइन दवा बिक्री पर कड़ा नियंत्रण लगाने की योजना बना रही है।

  • सभी मेडिकल स्टोर्स को कड़े वेरिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना होगा और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

  • सीमावर्ती इलाकों में स्कैनर और ड्रोन की मदद से निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि तस्करी को पूरी तरह खत्म किया जा सके।


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