उत्तर प्रदेश

UP : फायर सेफ्टी जांच पर अखिलेश यादव का सरकार पर हमला

Kavita2
25 Jun 2026 11:28 AM IST
UP : फायर सेफ्टी जांच पर अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: कोचिंग में चल रही फायर रेजिडेंट जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की बीजेपी सरकार पर लगाया आरोप इस जांच में जनता परेशान हो रही है.

अखिलेश यादव ने कहा कि कोचिंग छात्रों पर यह कार्रवाई केवल सुरक्षा मानकों को लागू करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों और छात्रों को भी छात्रों का इसमें शामिल होना पड़ रहा है। वे यह भी एक खतरनाक हथियार हैं कि इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से नए रास्ते खोले जा सकते हैं।

इसके साथ ही पूरा मामला अलीगंज में एक इमारत में लगी आग की घटना के बाद सामने आया, जिसके बाद प्रशासन ने पूरे राज्य में कोचिंग सेंटरों में आग लगने की जांच तेज कर दी है। सरकार ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए कई आक्षेपों पर कार्रवाई शुरू की है।

अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जिन कोचिंग संस्थानों में फायर रेजिडेंट्स या बिल्डिंग सिक्योरिटी मानकों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है और कुछ दावों को सील भी किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी है।

हालाँकि, कॉमिक्स का कहना है कि इस तरह की अचानक और व्यापक कार्रवाई से फिल्मांकन प्रभावित हो रहा है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की यह नीति छात्रों और शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि कोचिंग को सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए समय और दिशा-निर्देश दिए जाने चाहिए, लेकिन वर्तमान में चल रही कार्रवाई से कई संस्थान अचानक बंद हो रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

सरकारी पक्ष का तर्क है कि हाल की आग की घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि कई शैक्षणिक संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। इसी कारण से अवशेषों को रोकने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि यह कदम किसी भी तरह से शिक्षा व्यवस्था को बाधित करने के लिए नहीं है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लाइक्स में कमियां पाई की मांग की गई है, उन्हें सुधार के लिए समय दिया जाएगा।

इस बीच, कई कोचिंग संस्थानों के सहयोगियों ने भी चिंता जताई है कि अचानक हो रही कार्रवाई से उनके वैज्ञानिक प्रभावित हो रहे हैं और छात्रों को कमज़ोरी का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञ का मानना ​​है कि हर शैक्षणिक संस्थान के लिए फायर असिस्टेंट इंस्टीट्यूट का संचालन अनिवार्य है, लेकिन इसके साथ ही एक लेवल और स्टेजबिस्किट प्रक्रिया भी जरूरी है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को हर शिष्य संस्थान पर दबाव न पड़े।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में फायर असिस्टेंट जांच को लेकर सरकार और नामांकन के बीच विवाद गहराता जा रहा है। जहां सरकार इसे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं कंबेशन इसे राजनीतिक और बेरोजगारी से जोड़कर देख रही है।

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