उत्तर प्रदेश

लखनऊ में जबरन धर्मांतरण के दो मामले आए सामने, पीड़ित परिवारों ने विहिप से मांगी मदद

SHIDDHANT
12 Dec 2025 8:45 PM IST
लखनऊ में जबरन धर्मांतरण के दो मामले आए सामने, पीड़ित परिवारों ने विहिप से मांगी मदद
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Lucknow लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में युवती और शादीशुदा महिला को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने के मामले सामने आए हैं। पुलिस से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई तो परिवारों ने विश्व हिंदू रक्षा परिषद से संपर्क कर उन्हें अपनी व्यथा बताई। इसके बाद परिषद के चेयरमैन गोपाल राय ने जिले के अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की। गोपाल राय ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान बताया कि एक मामला कुशीनगर का है, जहां लगभग डेढ़ साल पहले एक महिला की शादी हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादीशुदा महिला को एक युवक अपने साथ ले गया और उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। परिवार का कहना है कि महिला को ले जाने के बाद से आज तक कोई जानकारी नहीं मिली। स्थानीय पुलिस ने भी इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की।
गोपाल राय ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कुशीनगर के एसएसपी से बात की है और उनसे मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिषद के पास ऐसे मामले देशभर से आते हैं और वे ज्यादातर फोन पर ही स्थानीय अधिकारियों से बात करके मामलों को सुलझाने में मदद करते हैं, लेकिन आज दो‑दो परिवार एक साथ पहुंचे। दोनों ने लव जिहाद और धर्मांतरण से जुड़ी शिकायत की, इसलिए उन्हें मीडिया के सामने आना पड़ा। गोपाल राय ने कहा कि वे मीडिया के माध्यम से एक बड़ा संदेश देना चाहते हैं कि परिषद की नजर में इस समय सबसे ज्यादा ईसाईकरण और उसके बाद इस्लामीकरण हो रहा है। उनका दावा है कि दलित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को तत्काल मदद, शिक्षा और इलाज का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर रविवार को होने वाली प्रार्थना सभाओं में लोगों को प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ युवक हिंदू नाम और पहचान अपनाकर लड़कियों से बातचीत बढ़ाते हैं और बाद में असल पहचान तब सामने आती है जब लड़की के दस्तावेजों पर मुस्लिम नाम दिखने लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई लड़कियां डर और शर्म के कारण अपने परिवार वालों को कुछ नहीं बता पातीं क्योंकि उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। गोपाल राय ने बताया कि एक पीड़ित मां परिषद कार्यालय में मौजूद थीं लेकिन डर और बदनामी के कारण वे अपना चेहरा तक नहीं दिखाना चाहती थीं।उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया है और एफआईआर दर्ज कराने में पूरी मदद करेंगे। साथ ही, उन्होंने सभी हिंदू परिवारों को सावधान रहने को कहा है। 'जागो हिंदू जागो अभियान' के तहत लोगों को किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी ठीक तरह से जांच करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग माथे पर तिलक लगाकर खुद को हिंदू दिखाते हैं और वक्त आने पर धोखा देते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
देवानंद शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी 29 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 4:30 बजे घर से गायब हो गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आवेदन भी दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। देवानंद ने आरोप लगाया कि कई बार थाने जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब उन्होंने अपनी पत्नी के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई, तब उन्हें पता चला कि वह जिस नंबर पर बात करती थी, उसका नाम आशिक अंसारी है। उन्होंने दावा किया कि फोन में उस युवक का फोटो और जीमेल आईडी तक मिला और उन्हें शक है कि उसी ने उनकी पत्नी को धर्म परिवर्तन कराकर अपने साथ रखा हुआ है। देवानंद ने कहा कि वह चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द उस युवक को पकड़कर कानूनी कार्रवाई करे और पत्नी को सुरक्षित मुक्त कराए।
दूसरे मामले में एक लापता लड़की की मां अर्चना तिवारी भी परिषद कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी नोएडा में अपने मामा के घर गई थी, लेकिन वहीं से एक युवक उसे बहला‑फुसलाकर ले गया। अर्चना का दावा है कि लड़की को धोखे से अपने साथ ले जाया गया और अब परिवार को उसकी कोई जानकारी नहीं है। अर्चना ने कहा कि वे चाहती हैं कि पुलिस तुरंत उस युवक को गिरफ्तार करे और उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाए। अर्चना ने भावुक होकर कहा कि उन्हें बस अपनी बेटी चाहिए और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लंबे इंतजार के बाद भी पुलिस जांच में कोई प्रगति नहीं हुई, इसलिए वे अब संगठन और मीडिया की मदद ले रही हैं। इन दोनों परिवारों की पीड़ा और आरोपों को देखते हुए विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि अब उन्हें इस तरह की शिकायतें देशभर से मिल रही हैं, इसलिए वे लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं।
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