उत्तर प्रदेश

Akhilesh's के फैसले पर भरोसा, सपा विधायक का इस्तीफा

Ratna Netam
30 Jun 2026 5:15 PM IST
Akhileshs के फैसले पर भरोसा, सपा विधायक का इस्तीफा
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चर्चा तेज हो गई है।

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका और संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है। मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से विधायक कमाल अख्तर ने विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद सपा के विधानमंडल दल में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

कमाल अख्तर के इस कदम से प्रदेश की सियासत में नई बहस छिड़ गई है। सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सपा सांसद रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच संगठनात्मक मुद्दों को लेकर मतभेद चल रहे थे। इसी विवाद के बाद पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं की लखनऊ में बैठक भी बुलाई थी। इसके बाद ही इस्तीफे की खबर सामने आई।इस्तीफा देने के बाद कमाल अख्तर ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का आदेश उनके लिए सर्वोपरि है और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के निर्णय का सम्मान करना हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है।

सूत्रों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सांसद रुचि वीरा को पार्टी की पीडीए बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था। इस बात से वह नाराज बताई जा रही थीं और उन्होंने इस संबंध में पार्टी नेतृत्व से शिकायत भी की थी। माना जा रहा है कि इसी विवाद के बाद संगठन स्तर पर यह बदलाव किया गया।गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी में इससे पहले भी मुख्य सचेतक पद को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ चुके हैं। पूर्व में मनोज पांडेय इस पद पर रहे थे, जिन्होंने बाद में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की थी और पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं। एआईएमआईएम (AIMIM) पहले भी समाजवादी पार्टी पर मुस्लिम नेताओं की उपेक्षा के आरोप लगाती रही है। पार्टी प्रवक्ता शादाब चौहान ने भी हाल ही में सपा नेतृत्व पर सवाल उठाए थे।हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस्तीफे के बाद सपा के भीतर जारी हलचल ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

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