उत्तर प्रदेश

Prayagraj से सोनभद्र तक आसान होगा सफर, मिर्जापुर में जुड़ेगा नया लिंक

Ratna Netam
21 July 2026 3:21 PM IST
Prayagraj   से सोनभद्र तक आसान होगा सफर, मिर्जापुर में जुड़ेगा नया लिंक
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Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कैबिनेट ने विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा और कई राज्यों तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित हो सकेगा।

करीब 26,315 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विंध्य एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 333 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। सरकार का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और औद्योगिक, व्यापारिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगी।

विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रयागराज से सोनभद्र के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में जहां इस दूरी को तय करने में करीब साढ़े छह घंटे लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर लगभग सवा तीन घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और परिवहन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनेगी।

इस परियोजना का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश की सीधी सड़क कनेक्टिविटी बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमाओं तक मजबूत होगी। इससे प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

इसके साथ ही सरकार ने विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना विंध्य क्षेत्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी। करीब 117 किलोमीटर लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से मिर्जापुर में विंध्य एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।

इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से प्रदेश के तीन बड़े एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे। इनमें गंगा एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इससे दिल्ली से लेकर बिहार और मध्य प्रदेश की सीमा तक बेहतर और तेज सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।

सरकार का मानना है कि नए एक्सप्रेसवे केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनके आसपास औद्योगिक कॉरिडोर, रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। सरकार पहले ही कई बड़े एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम कर रही है। अब विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने से प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट के इस फैसले को विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत महसूस कर रहे इस क्षेत्र को नई परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में ऐसा सड़क नेटवर्क तैयार किया जाए, जिससे राज्य के हर हिस्से को तेज, सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सके।

विंध्य एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद प्रदेश में यात्रा का समय कम होगा, माल ढुलाई आसान होगी और विभिन्न क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे। सरकार ने इसे उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

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