उत्तर प्रदेश

चित्रकूट में एक साल के बच्चे की दर्दनाक मौत

Ashish verma
11 Oct 2026 7:34 PM IST
चित्रकूट में एक साल के बच्चे की दर्दनाक मौत
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सरधुवा। सरधुवा थाना क्षेत्र के खोंपा गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर के आंगन में खेल रहे एक वर्षीय मासूम की पानी से भरे प्लास्टिक टब में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी रामकिशोर के सबसे छोटे बेटे आनंद के रूप में हुई है। घटना के समय परिवार के सदस्य नवरात्र की पूजा और भोजन करने के बाद आराम कर रहे थे। इसी दौरान मासूम खेलते-खेलते पानी से भरे टब के पास पहुंच गया और उसमें गिर गया। कुछ देर बाद मां अनामिका जब कमरे से बाहर निकलीं तो बच्चा दिखाई नहीं दिया। तलाश करने पर वह टब में डूबा मिला। परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजापुर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिवार में शोक व्याप्त है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

आंगन में खेल रहा था एक वर्षीय आनंद
जानकारी के अनुसार, सरधुवा थाना क्षेत्र के खोंपा गांव निवासी रामकिशोर का सबसे छोटा बेटा आनंद रविवार दोपहर घर के आंगन में खेल रहा था। उसकी उम्र महज एक वर्ष थी।दोपहर करीब दो बजे घर में परिवार के सदस्य मौजूद थे। नवरात्र की पूजा और भोजन के बाद स्वजन आराम कर रहे थे। इसी दौरान मासूम आनंद आंगन में खेलते-खेलते पानी से भरे प्लास्टिक टब के पास पहुंच गया।
बताया गया कि खेलते समय बच्चा टब में गिर गया। उस समय घर में मौजूद किसी सदस्य का ध्यान उसकी ओर नहीं गया।बच्चे की उम्र बेहद कम होने के कारण वह खुद को पानी से बाहर नहीं निकाल सका। कुछ देर बाद जब परिवार को घटना की जानकारी हुई, तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी।
पानी से भरे प्लास्टिक टब में गिरा मासूम
घर के आंगन में रखा पानी से भरा प्लास्टिक टब मासूम आनंद के लिए जानलेवा साबित हुआ।एक वर्षीय आनंद खेलते हुए टब के पास पहुंचा और उसमें गिर गया। परिवार के सदस्यों को तत्काल इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
छोटे बच्चों के लिए घर में रखे पानी से भरे बर्तन भी खतरनाक हो सकते हैं। विशेष रूप से एक से दो वर्ष की उम्र के बच्चों में चलने-फिरने और आसपास की वस्तुओं को पकड़ने की उत्सुकता अधिक होती है।इस उम्र में बच्चे पानी की गहराई या उससे होने वाले खतरे को समझ नहीं पाते। पानी से भरे टब में सिर के बल गिरने पर वे स्वयं को बाहर निकालने में असमर्थ हो सकते हैं।खोंपा गांव में हुई इस घटना में भी मासूम आनंद पानी से भरे टब में गिर गया और परिवार के सदस्यों को तुरंत इसकी जानकारी नहीं हो पाई।
मां ने बाहर आकर शुरू की बच्चे की तलाश
घटना के कुछ देर बाद आनंद की मां अनामिका कमरे से बाहर निकलीं। उन्हें बच्चा आसपास दिखाई नहीं दिया।इसके बाद उन्होंने मासूम को ढूंढना शुरू किया। इसी दौरान उनकी नजर पानी से भरे प्लास्टिक टब पर पड़ी, जिसमें आनंद डूबा हुआ था।
बच्चे को इस हालत में देखकर मां घबरा गईं। उन्होंने चिल्लाते हुए मासूम को टब से बाहर निकाला।मां की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। बच्चे की हालत देखकर परिजनों में अफरातफरी मच गई।जिस आंगन में कुछ देर पहले आनंद खेल रहा था, वहीं पानी से भरे टब में उसके मिलने से परिवार के सदस्य स्तब्ध रह गए।इसके बाद स्वजनों ने बिना देर किए बच्चे को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया।
आनन-फानन में सीएचसी राजापुर ले गए परिजन
पानी से भरे टब से बाहर निकालने के बाद परिवार के सदस्य आनंद को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजापुर लेकर पहुंचे।परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में उपचार मिलने से बच्चे की जान बचाई जा सकेगी।लेकिन सीएचसी राजापुर पहुंचने पर चिकित्सकों ने मासूम की जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया।डॉक्टरों द्वारा बच्चे की मौत की पुष्टि किए जाने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।एक वर्षीय आनंद की असमय मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। घर के सबसे छोटे बच्चे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।घटना के बाद मां अनामिका का रो-रोकर बुरा हाल है।
नवरात्र की पूजा के बाद हुआ हादसा
यह दुखद घटना उस समय हुई, जब परिवार के सदस्य नवरात्र की पूजा और भोजन करने के बाद आराम कर रहे थे।रविवार दोपहर घर में सामान्य दिनचर्या चल रही थी। परिवार के लोगों को अंदाजा नहीं था कि आंगन में खेल रहे मासूम के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा।दोपहर करीब दो बजे आनंद के पानी से भरे टब में गिरने की घटना हुई।
जब तक मां कमरे से बाहर आईं और बच्चे की तलाश शुरू की, तब तक वह पानी में डूब चुका था।परिवार के सदस्यों ने बच्चे को बचाने के लिए तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।नवरात्र के दौरान हुई इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है।
घर का सबसे छोटा बेटा था आनंद
रामकिशोर के परिवार में आनंद सबसे छोटा बेटा था। महज एक वर्ष की उम्र में उसकी मौत हो जाने से परिवार को गहरा आघात लगा है।मासूम की मौत के बाद मां अनामिका का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे, लेकिन किसी को यह पता नहीं चल सका कि खेलते-खेलते बच्चा पानी से भरे टब में गिर गया है।इस दर्दनाक घटना ने घर में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों के लिए बहुत कम गहराई वाला पानी भी जानलेवा हो सकता है। इसलिए उन्हें पानी से भरे बर्तनों, बाल्टियों और टब के आसपास अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
छोटे बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं पानी से भरे टब
खोंपा गांव में हुई यह घटना घर के भीतर बच्चों की सुरक्षा के महत्व को सामने लाती है।अक्सर घरों में पानी भरकर रखने के लिए बाल्टी, टब और अन्य बर्तनों का उपयोग किया जाता है। छोटे बच्चों की पहुंच में होने पर ये दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
बाल रोग सुरक्षा संबंधी सलाह के अनुसार, छोटे बच्चों को पानी के आसपास लगातार किसी जिम्मेदार वयस्क की निगरानी में रखना चाहिए।पानी का उपयोग करने के बाद टब और बाल्टी खाली कर देना तथा उन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखना सुरक्षित उपाय हैं।बच्चे के पानी में डूबने की स्थिति में तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है। यदि बच्चा सांस नहीं ले रहा हो, तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर शुरू करना जीवनरक्षक हो सकता है।
मासूम की मौत से परिवार में शोक
सरधुवा थाना क्षेत्र के खोंपा गांव में रविवार को हुई इस दुर्घटना ने रामकिशोर के परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है।घर के आंगन में खेलते समय पानी से भरे प्लास्टिक टब में गिरने से एक वर्षीय आनंद की मौत हो गई।मां अनामिका ने बच्चे को टब से बाहर निकालकर परिजनों की मदद से सीएचसी राजापुर पहुंचाया था, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।इस घटना के बाद परिवार में शोक व्याप्त है। महज एक वर्ष के बच्चे की इस तरह मौत हो जाने से परिजन सदमे में हैं।
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