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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों की जांच की मांग

Ratna Netam
11 Oct 2026 7:13 PM IST
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों की जांच की मांग
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर नल्ला सुरेश रेड्डी ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। रविवार को उन्होंने कहा कि वह इस मामले में भारत के सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने का इरादा रखते हैं। इस याचिका के माध्यम से वह मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश या स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग करेंगे। रेड्डी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच कराने का आग्रह किया है।नल्ला सुरेश रेड्डी ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि नई दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने इन प्रदर्शनों को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि विरोध प्रदर्शनों से जुड़े तथ्यों को देश के सामने स्पष्ट किया जा सके।
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने की तैयारी
नल्ला सुरेश रेड्डी ने कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मामले को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाना चाहते हैं। इसके लिए वह जनहित याचिका दाखिल करने की योजना बना रहे हैं।उनका कहना है कि मामले की जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश या स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए। इससे विरोध प्रदर्शनों से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।रेड्डी ने कहा कि इस विषय पर केवल राजनीतिक या सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं तक सीमित रहने के बजाय औपचारिक जांच की आवश्यकता है। उन्होंने स्वतंत्र जांच को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के सामने सच्चाई स्पष्ट रूप से रखी जानी चाहिए।हालांकि, रेड्डी ने अभी जनहित याचिका दाखिल करने का इरादा व्यक्त किया है। उपलब्ध जानकारी में याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए जाने या अदालत की ओर से कोई आदेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जांच कराने की मांग
नल्ला सुरेश रेड्डी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार को मामले की गंभीरता समझनी चाहिए और जांच की दिशा में कदम उठाने चाहिए।रेड्डी ने सवाल किया कि जब नई दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में इतने विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तो केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की ओर से इस मामले में प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी जा रही है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच का आदेश दिया जाए। साथ ही एक ऐसी जांच टीम गठित की जाए, जो विरोध प्रदर्शनों से संबंधित सभी तथ्यों की पड़ताल कर सके।रेड्डी के अनुसार, जांच का उद्देश्य किसी निष्कर्ष पर पहले से पहुंचना नहीं, बल्कि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना होना चाहिए।
देश के सामने सच्चाई रखने की अपील
रेड्डी ने कहा कि जांच एजेंसियों को मामले की तह तक जाकर तथ्यों का पता लगाना चाहिए। उन्होंने आग्रह किया कि जांच के बाद सामने आने वाली जानकारी देश के लोगों के सामने स्पष्ट रूप से रखी जाए।उनका मानना है कि इससे विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवालों का जवाब मिल सकेगा और शांति का वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।रेड्डी ने कहा, "हम चाहते हैं कि एक जांच टीम गठित की जाए, जो पूरे मामले की सच्चाई का पता लगाए। एजेंसियों को देश के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि विरोध प्रदर्शन रुकें और शांति का माहौल बने।"
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी हैं प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है।इसी घटनाक्रम के बीच रेड्डी ने स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आना आवश्यक है।
न्यायिक जांच की मांग पर टिकी नजरें
रेड्डी की प्रस्तावित जनहित याचिका के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह सुप्रीम कोर्ट में कब याचिका दाखिल करते हैं और उसमें किन मुद्दों को औपचारिक रूप से उठाते हैं।फिलहाल उन्होंने मौजूदा न्यायाधीश या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उनका उद्देश्य विरोध प्रदर्शनों के पीछे के तथ्यों को सामने लाना और देश में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने की दिशा में पहल करना है।
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