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उत्तर प्रदेश
TMU की सेंट्रल लाइब्रेरी नॉलेज, इन्नोवेशन और कल्चर की त्रिवेणी
Gulabi Jagat
20 Aug 2025 10:50 PM IST
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Moradabad, मुरादाबाद : तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की सेंट्रल लाइब्रेरी की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और नवाचार आधारित शिक्षण के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान है। यह केवल पुस्तक संग्रह का स्थान नहीं, बल्कि शोध, अध्ययन, सांस्कृतिक संरक्षण और डिजिटल प्रगति का केंद्र है। पुस्तकालय का वातावरण स्टुडेंट्स, शोधार्थियों और शिक्षकों को एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहां वे न केवल अध्ययन कर सकें, बल्कि अनुसंधान, विचारों के आदान-प्रदान और नवाचार को भी आत्मसात कर सकें। टीएमयू का पुस्तकालय 3.10 लाख से अधिक पुस्तकों के विशाल संग्रह से सुसज्जित है, जिसमें मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी, पैरामेडिकल, इंजीनियरिंग, कानून, प्रबंधन, शिक्षा, कृषि, जैन अध्ययन, फाइन आर्ट्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसे विषयों की महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं।
पुस्तकालय में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध जर्नल्स का समृद्ध संग्रह है। दर्शन, इतिहास, साहित्य, विज्ञान, समाजशास्त्र सरीखे विषयों से संबंधित 325 से अधिक 100 साल से भी पुरानी दुर्लभ पुस्तकों और पांडुलिपियों का विशेष संकलन इस पुस्तकालय की विशेष पहचान बनाता है। पुस्तकालय में 7,000 से अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिनमें जैन साहित्य, वेद, उपनिषद, रामायण, भगवद्गीता और भारतीय दर्शन ग्रंथ सम्मिलित हैं। यह संग्रह न केवल छात्रों के वैचारिक और नैतिक विकास में सहायक है, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराइयों से जुड़ने का माध्यम भी प्रदान करता है। शोध और प्रशिक्षण की दिशा में पुस्तकालय की ओर से समय-समय पर अनेक कार्यशालाएं और वेबिनार आयोजित किए जाते हैं। इनमें एडवांस आईईईई शोध कार्यशाला, रिसर्च आउटपुट की विजिबिलिटी बढ़ाने पर आधारित सत्र, साइबर लॉ एवं फैमिली कोर्ट एक्ट पर ऑथर टॉक सीरीज़, लीगल, डेंटल और एग्रीकल्चर रिसर्च ट्रेनिंग तथा सांख्यिकीय टूल्स एवं डेटा एनालिसिस पर आधारित कार्यशालाएं शामिल हैं।
यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरियन डॉ. विनीता जैन बताती हैं, पीएचडी शोध प्रबंध और पीजी डिज़र्टेशन का व्यापक संग्रह शोधगंगा पोर्टल पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। डिजिटल युग अनुरूप पुस्तकालय को अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी में परिवर्तित किया गया है। टीएमयू की लाइब्रेरी के पास एब्स्कोहोस्ट, आई ट्रिपल ई, मनुपात्रा, अपटुडेड, डेलनेट जैसे प्रमुख डेटाबेस की सदस्यता भी है। पुस्तकालय में एक साथ उपयोग हेतु 150 से अधिक कंप्यूटर और हाई-स्पीड इंटरनेट युक्त ई-लाइब्रेरी की सुविधा है। पुस्तकालय की डिजिटल क्षमताओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए डीस्पेस संस्थागत रिपॉजिटरी के जरिए संकाय शोध, थीसिस, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सम्मेलन दस्तावेज़ डिजिटली संरक्षित किए जा रहे हैं। कोहा- ओपन-सोर्स लाइब्रेरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से संपूर्ण पुस्तकालय को स्वचालित किया गया है। इसके साथ ही टर्निटिन, फीडबैक स्टूडियोज जैसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से शोध और असाइनमेंट में मौलिकता सुनिश्चित की जाती है। यहां इंटर-लाइब्रेरी लोन, रेप्रोग्राफिक सेवाएं, करंट अवेयरनेस सर्विस, चयनात्मक सूचना प्रसार, समाचार क्लिपिंग सेवाएं जैसी सेवाएं नियमित रूप से प्रदान की जाती हैं। इसके अतिरिक्त पुस्तकदान को प्रोत्साहित करने के लिए बुक डोनेशन प्रोग्राम के अंतर्गत प्रति वर्ष बेस्ट फिलैंथ्रॉपिस्ट अवार्ड प्रदान किया जाता है। टीएमयू पुस्तकालय के वार्षिक पुस्तक प्रदर्शनी, राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह संवाद सत्र, वाचन प्रतियोगिता और शेल्फ़ डे सरीखे आयोजन पुस्तक संस्कृति को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहे हैं।
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