- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- AC बस में जोरदार धमाके...
उत्तर प्रदेश
AC बस में जोरदार धमाके के साथ फटा बस का टायर, 55 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 11:21 PM IST

x
बरेली। उत्तर प्रदेश में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर बुधवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली से बरेली जा रही यात्रियों से भरी रोडवेज बस में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 8:45 बजे बस के पिछले हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग फैलने से यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। बस में सवार करीब 55 यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बस में आग लगते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। सभी लोग जल्द से जल्द बस से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। अचानक सामने आई इस स्थिति ने यात्रियों को डरा दिया। कुछ ही समय पहले तक सामान्य रूप से चल रहा सफर एक खतरनाक हादसे में बदलते-बदलते रह गया।
बस के पिछले हिस्से से उठने लगीं आग की लपटें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोडवेज बस दिल्ली से यात्रियों को लेकर बरेली की ओर जा रही थी। बुधवार रात करीब पौने नौ बजे दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर चलते समय बस के पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई।बस में आग लगने की जानकारी मिलते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। आग की लपटों के साथ धुआं फैलने से स्थिति और गंभीर हो गई।यात्रियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल्द से जल्द बस से सुरक्षित बाहर निकलने की थी।बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में आग ने बस के पिछले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान यात्रियों ने किसी तरह बस से उतरकर सुरक्षित स्थान की ओर भागना शुरू कर दिया।घटना इतनी अचानक हुई कि यात्रियों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
55 यात्रियों ने किसी तरह बचाई जान
हादसे के समय बस में करीब 55 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद सभी यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।यात्रियों ने तत्काल बस से बाहर निकलना शुरू किया। कुछ यात्रियों के बस से कूदकर जान बचाने की जानकारी भी सामने आई है।आग की लपटें देखकर यात्रियों को आशंका थी कि कहीं आग पूरी बस में न फैल जाए।राहत की बात यह रही कि सभी यात्री बस से बाहर निकलने में सफल रहे। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी यात्री की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।हालांकि, घटना के बाद यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मची अफरा-तफरी
दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं।रात के समय यात्रियों से भरी बस में आग लगने की घटना बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी।बस के पिछले हिस्से से उठती लपटों ने आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा।ऐसी परिस्थितियों में सड़क पर मौजूद अन्य वाहनों के लिए भी सतर्कता जरूरी हो जाती है। किसी जलते वाहन के अत्यधिक करीब पहुंचने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।घटना के दौरान यात्रियों की प्राथमिकता सुरक्षित स्थान पर पहुंचना थी।
आग लगने के कारणों की जांच जरूरी
बस में आग लगने की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।प्रारंभिक विवरण में बस के पिछले हिस्से में आग लगने की बात सामने आई है। हालांकि, आग टायर, ब्रेक सिस्टम, बिजली के तारों या किसी अन्य तकनीकी कारण से लगी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।वाहनों में आग लगने के कई संभावित कारण हो सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट, ब्रेक सिस्टम का अत्यधिक गर्म होना, ईंधन से जुड़ी खराबी और अन्य तकनीकी समस्याएं शामिल हैं।हालांकि, इस विशेष घटना को इनमें से किसी कारण से जोड़ने के लिए तकनीकी जांच आवश्यक होगी।यदि बस के किसी हिस्से में खराबी थी, तो यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यात्रा शुरू होने से पहले उसकी जांच की गई थी।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद रोडवेज बसों की तकनीकी स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।सार्वजनिक परिवहन में प्रतिदिन हजारों लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण है।लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बसों में इंजन, ब्रेक, टायर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच समय-समय पर होना आवश्यक है।इसके अलावा अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनका सही तरीके से काम करना भी महत्वपूर्ण है।किसी आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकालने के लिए बस में पर्याप्त निकासी व्यवस्था होनी चाहिए।यात्रियों को भी आपातकालीन निकास द्वार और सुरक्षा उपकरणों की जानकारी होना जरूरी है।
दीपावली से पहले बढ़ रही यात्रियों की संख्या
दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की ओर जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। ऐसे में परिवहन विभाग के सामने यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी होती है।उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने दीपावली और छठ पर्व के दौरान अतिरिक्त बस सेवाओं के संचालन की तैयारी भी की है। बरेली-दिल्ली और बरेली-लखनऊ जैसे मार्गों पर यात्रियों की मांग को देखते हुए बसों के फेरे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।ऐसे समय में बस में आग लगने की घटना वाहनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत दर्शाती है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं बसों में आग की घटनाएं
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ समय के दौरान चलती बसों में आग लगने की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं।सितंबर 2026 में ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर एक निजी स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद बसों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।हालांकि, बुधवार रात की रोडवेज बस की घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन में अग्नि सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती हैं।
बड़ा हादसा टला, जांच रिपोर्ट का इंतजार
दिल्ली से बरेली जा रही रोडवेज बस में लगी आग से 55 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई थी। समय रहते सभी यात्रियों का बाहर निकलना बड़ी राहत की बात है।अब इस घटना में आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा।बस की तकनीकी स्थिति और घटना के समय की परिस्थितियों की समीक्षा से भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
Next Story





