उत्तर प्रदेश

नहीं थम रहा बाघिन का आतंक, वन विभाग की कोशिश जारी

Saba Naaz
25 July 2026 8:24 PM IST
नहीं थम रहा बाघिन का आतंक, वन विभाग की कोशिश जारी
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उत्तर प्रदेश: सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र में बाघिन का आतंक लगातार बना हुआ है। रसुलवा गांव में एक व्यक्ति पर हमला कर उसकी जान लेने वाली बाघिन घटना के नौ दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। बाघिन की लगातार बदलती लोकेशन और खेतों के आसपास उसके पगचिह्न मिलने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। हालात यह हैं कि किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं और बच्चों को स्कूल भेजने में भी अभिभावक डर महसूस कर रहे हैं।

मिश्रिख के रसुलवा गांव में 15 जुलाई को बाघिन ने हमला कर एक व्यक्ति को मार डाला था। इस घटना के बाद से वन विभाग की कई टीमें बाघिन की तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन अभी तक उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। नौ दिन बीत जाने के बाद भी बाघिन खुले क्षेत्र में घूम रही है, जिससे आसपास के कई गांवों के लोग दहशत में हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, बाघिन लगातार अपनी जगह बदल रही है। रसुलवा गांव के आसपास करीब सात किलोमीटर के दायरे में कई स्थानों पर उसके पगचिह्न देखे गए हैं। शनिवार को जाजपुर और बिजुआमऊ गांव के पास भी बाघिन के पैरों के निशान मिले। इससे पहले सिसेंडी, पट्टी, गेंधरिया और उपरहितापुर सहित कई गांवों में बाघिन की मौजूदगी के संकेत मिले थे।

बाघिन के डर का असर ग्रामीणों के सामान्य जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, जिसके कारण खेती का काम प्रभावित हो रहा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन के डर से कई अभिभावक अपने बच्चों को अकेले स्कूल नहीं भेज रहे हैं। क्षेत्र के पांच गांवों के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गई है।

उपरहितापुरवा निवासी ब्रजेश ने बताया कि बाघिन के कारण ग्रामीणों का जीवन मुश्किल हो गया है। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए परिवार के लोग समूह बनाकर जाते हैं, ताकि किसी भी खतरे की स्थिति में मदद मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बाघिन पकड़ी नहीं जाती, तब तक लोगों में डर बना रहेगा।

बहादुरपुर निवासी महिपाल ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपरहितापुर गांव के श्रीकेशन के खेत में बाघिन छिपी थी। अगर समय रहते वहां जाल लगाया जाता तो शायद उसे पकड़ा जा सकता था। वहीं धंसीननगर के गिरधारी ने बताया कि बाघिन के डर से बच्चों की पढ़ाई और किसानों का काम दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

वन विभाग की ओर से लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बाघिन को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग ने कई जगहों पर निगरानी बढ़ाई है। गेंधरिया क्षेत्र में बाघिन को पकड़ने के लिए पड़वा भी बांधा गया है, ताकि उसे आकर्षित कर पकड़ा जा सके।

वन क्षेत्राधिकारी मिश्रिख सिकंदर सिंह ने बताया कि बारिश के कारण सर्च अभियान में कुछ परेशानियां आ रही हैं। गीली जमीन और खराब मौसम के चलते टीमों को बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखने में कठिनाई हो रही है। हालांकि वन विभाग पूरी क्षमता के साथ अभियान चला रहा है और जल्द ही बाघिन को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल वन विभाग की टीमें लगातार जंगल और आसपास के इलाकों में निगरानी कर रही हैं। प्रशासन ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। लोगों को अकेले खेतों में न जाने और बच्चों को सावधानी के साथ स्कूल भेजने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द बाघिन को पकड़कर इलाके में फैले डर को खत्म किया जाए।

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