उत्तर प्रदेश

कूलर के टब में डूबने से तीन वर्षीय मासूम की मौत, घर में मचा कोहराम

Kavita2
9 Aug 2026 3:03 PM IST
कूलर के टब में डूबने से तीन वर्षीय मासूम की मौत, घर में मचा कोहराम
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फिरोजाबाद। नगला सिंघी थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलाबाद (ठार रामस्वरूप) में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची घर के स्नानागार में रखे कूलर के टब में भरे पानी में डूब गई। हादसे के बाद काफी देर तक परिजनों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। जब बच्ची के लापता होने का पता चला और उसकी तलाश शुरू की गई, तब वह कूलर के टब में डूबी मिली। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना से पूरे गांव में भी मातम छा गया।

गांव निवासी हरिओम की तीन वर्षीय बेटी नीलम रविवार दोपहर करीब एक बजे घर के स्नानागार में गई थी। बताया गया कि स्नानागार में कूलर का टब रखा था, जिसमें पानी भरा हुआ था। नीलम पानी में नहाने के दौरान किसी तरह टब में डूब गई। उसकी उम्र बेहद कम होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सकी।

अचानक घर से लापता हुई बच्ची

परिवार के लोगों को कुछ समय तक नीलम के घर में न होने की जानकारी नहीं हुई। जब परिजनों ने उसे आसपास तलाशना शुरू किया तो चिंता बढ़ गई। बच्ची के दादा रामेश्वर ने बताया कि नीलम अचानक घर से लापता हो गई थी। परिवार के लोग उसे घर और आसपास के स्थानों पर तलाशने लगे।

तलाश के दौरान जब परिजन स्नानागार की ओर पहुंचे तो उनकी नजर कूलर के टब पर गई। टब में पानी भरा हुआ था और मासूम नीलम उसमें डूबी मिली। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए।

परिजनों ने बचाने का किया प्रयास

बच्ची को टब से बाहर निकालकर परिजन उसे बचाने की कोशिश में जुट गए। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए ले जाने की तैयारी की गई। हालांकि तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजनों के प्रयास के बावजूद मासूम को बचाया नहीं जा सका।

बच्ची की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस बच्ची की चहक से घर में खुशियां रहती थीं, उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

गांव में छाया मातम

नीलम की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार के घर पहुंचने लगे। मासूम की मौत से हर कोई स्तब्ध था। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया। हादसे ने गांव के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार इतनी छोटी उम्र के बच्चों को पानी से भरे बर्तन, टब या अन्य जल स्रोतों के आसपास अकेला छोड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है। मामूली सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

परिवार को नहीं हो सका हादसे का अंदाजा

परिजनों के मुताबिक नीलम के अचानक घर से गायब होने तक उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह स्नानागार की ओर चली गई है। घर में मौजूद लोगों को जब बच्ची दिखाई नहीं दी तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की।

हादसे में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि परिवार को बच्ची के पानी में डूबने की जानकारी काफी देर बाद हुई। यदि समय रहते किसी की नजर उस पर पड़ जाती तो शायद उसे बचाने का मौका मिल सकता था। हालांकि घटना की परिस्थितियों के संबंध में पूरी जानकारी पुलिस जांच और परिजनों के बयानों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

इस हादसे ने घरों में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छोटे बच्चे पानी से भरे टब, बाल्टी या अन्य बर्तनों के खतरे को समझ नहीं पाते। ऐसे में घर में मौजूद पानी के बर्तनों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना जरूरी है।

विशेषज्ञों की सामान्य सलाह रहती है कि छोटे बच्चों को पानी के आसपास कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। कुछ इंच पानी में भी छोटे बच्चे के डूबने का खतरा रहता है। इसलिए स्नानघर, पानी की टंकी, बाल्टी और कूलर के टब जैसी जगहों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

तीन वर्षीय नीलम की मौत ने उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि कुछ समय पहले तक घर में खेल रही मासूम अब उनके बीच नहीं रही।

मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को संभालने का प्रयास कर रहे हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।

पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल यह घटना परिवार के लिए कभी न भूल पाने वाला दुख बन गई है। एक छोटी सी असावधानी ने तीन साल की मासूम की जिंदगी छीन ली और पूरे परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया।

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