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बहजोई। कृषि उत्पादन मंडी समिति बहजोई में किसानों, पल्लेदारों, आढ़तियों, श्रमिकों और अन्य जरूरतमंद लोगों को राहत देने के उद्देश्य से जल्द ही ‘शबरी कैंटीन’ की स्थापना की जाएगी। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मंडी परिसर में आने वाले लोगों को कम कीमत पर स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मंडी परिषद की ओर से योजना के संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
शबरी कैंटीन की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य मंडी में रोजाना काम के सिलसिले में आने वाले लोगों को सस्ता और बेहतर भोजन उपलब्ध कराना है। मंडी में किसानों के अलावा बड़ी संख्या में पल्लेदार, श्रमिक और अन्य लोग मौजूद रहते हैं। ऐसे लोगों को कई बार भोजन के लिए आसपास के दुकानों और ढाबों पर निर्भर रहना पड़ता है। कैंटीन शुरू होने के बाद उन्हें मंडी परिसर में ही किफायती दर पर भोजन उपलब्ध हो सकेगा।
स्वयं सहायता समूहों को मिल सकती है जिम्मेदारी
योजना के तहत शबरी कैंटीन का संचालन स्वयं सहायता समूहों अथवा अन्य सरकारी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा। इससे एक ओर जहां मंडी में आने वाले लोगों को भोजन की सुविधा मिलेगी, वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और अन्य लोगों के लिए रोजगार का अवसर भी पैदा हो सकता है।
मंडी परिषद की ओर से कैंटीन के संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए कैंटीन संचालकों से किसी प्रकार का प्रीमियम नहीं लिया जाएगा। इससे संचालन करने वाली संस्था पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम रहेगा और योजना को सुचारु रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
निशुल्क स्थान और पेयजल की सुविधा
शबरी कैंटीन के लिए मंडी परिसर में निशुल्क स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कैंटीन में पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। लोगों को भोजन के साथ स्वच्छ पेयजल मिल सके, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
मंडी परिषद के इस सहयोग से कैंटीन संचालकों को आधारभूत सुविधाओं के लिए अलग से बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। इससे रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की योजना को आर्थिक रूप से भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिजली बिल में भी मिलेगी छूट
कैंटीन के संचालन के लिए बिजली की आवश्यकता को देखते हुए मंडी परिषद की ओर से बिजली बिल में भी राहत देने का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत कैंटीन को हर महीने 300 यूनिट तक बिजली बिल में छूट दी जाएगी।
इससे कैंटीन के नियमित संचालन पर आने वाले खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। बिजली, पानी और स्थान जैसी बुनियादी सुविधाओं में राहत मिलने से संचालकों के लिए कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराना आसान होगा।
किसानों और श्रमिकों को सबसे अधिक लाभ
शबरी कैंटीन का सबसे अधिक लाभ उन किसानों और श्रमिकों को मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय तक मंडी परिसर में रहते हैं। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचते हैं और बिक्री की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें कई घंटे मंडी में बिताने पड़ते हैं। इसी तरह पल्लेदार और श्रमिक भी रोजाना काम के लिए मंडी में मौजूद रहते हैं।
ऐसे लोगों के लिए रियायती दर पर भोजन की उपलब्धता एक बड़ी सुविधा साबित हो सकती है। उन्हें भोजन के लिए मंडी से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ भोजन पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है।
स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन पर जोर
योजना में केवल सस्ता भोजन उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। कैंटीन में साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था की जानी है।
मंडी परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में कैंटीन की स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। भोजन तैयार करने वाले स्थान, बर्तनों और पेयजल व्यवस्था की नियमित सफाई सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।
मंडी परिसर में बढ़ेंगी सुविधाएं
बहजोई मंडी में शबरी कैंटीन की स्थापना से मंडी परिसर में किसानों और श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार होगा। मंडी में आने वाले लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था उपलब्ध होने से मंडी का वातावरण भी अधिक सुविधाजनक बन सकेगा।
सरकार की इस योजना को सामाजिक कल्याण और श्रमिक हित से जोड़कर देखा जा रहा है। रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
योजना के संचालन की तैयारी शुरू
मंडी परिषद की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद अब कैंटीन की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। संबंधित स्तर पर स्थान, संचालक संस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कैंटीन के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह या सरकारी संस्था को दिए जाने से इसकी निगरानी और व्यवस्था को भी बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकता है। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित दरों पर भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
जरूरतमंदों के लिए राहत की उम्मीद
शबरी कैंटीन शुरू होने के बाद बहजोई मंडी में आने वाले किसानों, पल्लेदारों, आढ़तियों, श्रमिकों और अन्य जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर भोजन उपलब्ध हो सकेगा। निशुल्क स्थान, पेयजल सुविधा और 300 यूनिट तक बिजली बिल में छूट जैसी व्यवस्थाओं से योजना के संचालन में सहयोग मिलेगा।
अब लोगों को कैंटीन के शुरू होने का इंतजार है। यदि योजना निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावी ढंग से संचालित होती है, तो यह मंडी में आने वाले हजारों लोगों के लिए उपयोगी सुविधा साबित हो सकती है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।





