- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- Murder मामले में तीन...

Saharanpur सहारनपुर : सहारनपुर में दहेज हत्या के एक मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-10 की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए तीन अभियुक्तों को उम्रकैद के साथ कुल 90 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह फैसला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में चलाए गए प्रभावी अभियोजन और सशक्त पैरवी के चलते आया है। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले की लगातार निगरानी की गई और अदालत में मजबूत पैरवी की गई, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
2020 में दर्ज हुआ था दहेज हत्या का मामला
मामला वर्ष 2020 का है। पुलिस के मुताबिक, 8 फरवरी 2020 को शामली जनपद के थाना थानाभवन क्षेत्र के रशीदगढ़ निवासी धर्मपाल पुत्र आत्माराम ने थाना नकुड़ में लिखित तहरीर देकर अपनी बेटी की दहेज हत्या का आरोप लगाया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी बेटी सुमन को ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करते थे। आरोप था कि मांग पूरी न होने पर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
इस मामले में पुलिस ने ग्राम पदमनगली, थाना नकुड़, जनपद सहारनपुर निवासी सौरभ पुत्र नरेंद्र, सुदेश पत्नी नरेंद्र और नरेंद्र पुत्र नकली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ थाना नकुड़ में मुकदमा संख्या 57/2020 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 304बी, 302 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई थी।
अदालत में चली लंबी सुनवाई
मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-10 सहारनपुर की अदालत में विचाराधीन था। पुलिस की ओर से मामले में सभी साक्ष्य और गवाहों को मजबूती से पेश किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित मॉनिटरिंग सेल ने केस की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी माना। इसके बाद न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
कुछ धाराओं में किया गया दोषमुक्त
पुलिस के अनुसार, अदालत ने अभियुक्तों को धारा 498ए, 304बी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दोषमुक्त कर दिया है। हालांकि, हत्या के अपराध में दोषी पाए जाने पर तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
पुलिस ने फैसले को बताया महत्वपूर्ण
सहारनपुर पुलिस ने अदालत के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत ऐसे मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और दहेज से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





