उत्तर प्रदेश

शादी कराने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी मेट्रीमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़

Kavita2
7 July 2026 3:02 PM IST
शादी कराने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी मेट्रीमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़
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कल्याणपुर : शादी के इच्छुक लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करने वाले एक फर्जी अंतरराज्यीय मेट्रीमोनियल कॉल सेंटर का पुलिस ने खुलासा किया है। कल्याणपुर क्षेत्र में चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों से शादी कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में दो युवतियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपित सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से लोगों का निजी डेटा जुटाते थे। इसके बाद शादी के लिए इच्छुक लोगों से संपर्क कर उन्हें आकर्षक रिश्तों का झांसा दिया जाता था। पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए आरोपित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई तस्वीरों का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल वेरिफिकेशन, बातचीत शुरू कराने और अन्य सेवाओं के नाम पर अलग-अलग शुल्क बताकर पैसे ऐंठे जाते थे।

नेपाली मंदिर के पास चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को सूचना मिली कि कल्याणपुर के नेपाली मंदिर के पास ऑनलाइन मैच प्वाइंट नाम से एक संदिग्ध मेट्रीमोनियल कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके पर कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले, जिनसे फर्जीवाड़े का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने कॉल सेंटर से दो युवतियों और एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर लोगों को अपना शिकार बना रहा था।

मौके से मिले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके से सात एंड्रायड मोबाइल फोन, 16 कीपैड मोबाइल, नौ डेस्कटॉप कंप्यूटर, 104 इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड और दो नए सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य दस्तावेज और सामग्री भी पुलिस के हाथ लगी है।

जांच टीम अब बरामद मोबाइल और कंप्यूटर की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों से ठगी की है और ठगी की रकम कितनी है।

डेटा जुटाकर बनाते थे शिकार

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से शादी के इच्छुक लोगों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर बेहतर रिश्ता उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था।

लोगों को भरोसा दिलाने के लिए फर्जी प्रोफाइल और AI से बनाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाता था। जब कोई व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था तो उससे धीरे-धीरे अलग-अलग मदों में पैसे मांगे जाते थे। कई मामलों में लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की रकम वसूली गई।

फर्जी प्रोफाइल के जरिए करते थे संपर्क

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, साइबर ठगों ने लोगों को विश्वास में लेने के लिए एक पूरी प्रक्रिया तैयार कर रखी थी। कॉल सेंटर में काम करने वाले लोग खुद को मेट्रीमोनियल कंपनी के कर्मचारी बताते थे और शादी के लिए अच्छे रिश्ते उपलब्ध कराने का दावा करते थे।

आरोपित पहले पीड़ितों से बातचीत कर उनकी आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद जरूरत के हिसाब से अलग-अलग शुल्क बताए जाते थे। कुछ लोगों से प्रोफाइल एक्टिवेशन, तो कुछ से मीटिंग या बातचीत शुरू कराने के नाम पर पैसे लिए जाते थे।

पुलिस कर रही है आगे की जांच

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही, बरामद मोबाइल और कंप्यूटर से मिले डेटा की जांच कर संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन शादी और रिश्तों से जुड़े प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा नहीं करना चाहिए और पैसे भेजने से पहले पूरी जानकारी सत्यापित करनी चाहिए।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मेट्रीमोनियल वेबसाइट या सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाले रिश्तों को लेकर सावधानी बरतें। यदि कोई व्यक्ति शादी कराने के नाम पर पहले पैसे की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत पुलिस या साइबर सेल में करें।

इस कार्रवाई से पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो शादी जैसे संवेदनशील विषय का सहारा लेकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके।

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