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Pond की जमीन पर बनी मजार ध्वस्त, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Moradabad मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तालाब की भूमि पर बनाई गई बाबा फौलाद शाह की मजार और उससे जुड़े पक्के निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) के पास स्थित राजस्व ग्राम पाकबड़ा में की गई। मौके पर राजस्व विभाग, नगर पंचायत पाकबड़ा और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के बाद तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया है।
मामला राजस्व ग्राम पाकबड़ा के गाटा संख्या-1180 से जुड़ा हुआ है। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि श्रेणी-6 (1) के अंतर्गत अकृषित जलमग्न यानी तालाब की जमीन के रूप में दर्ज है। प्रशासन के अनुसार, इसी भूमि पर पहले बाबा फौलाद शाह की मजार बनाई गई और बाद में धीरे-धीरे वहां पक्का निर्माण कर कब्जा कर लिया गया।
इस मामले में तहसीलदार सदर न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत वाद दायर किया गया था। सुनवाई के बाद दिसंबर 2025 में तहसीलदार सदर की अदालत ने अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया था। इसके साथ ही कब्जाधारी महबूब पर 1 लाख 73 हजार 340 रुपये की क्षतिपूर्ति और 4 हजार रुपये वाद व्यय भी लगाया गया था।
तहसीलदार न्यायालय के आदेश के खिलाफ महबूब ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान डीएम कोर्ट ने सभी पक्षों और दस्तावेजों की जांच की। कोर्ट ने कहा कि तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं होते, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, भूजल स्तर को सुरक्षित रखने और वर्षा जल संचयन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
डीएम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि तालाब की भूमि का निजी उपयोग करना या उसके मूल स्वरूप में बदलाव करना नियमों के विरुद्ध है। सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने अपील को खारिज कर दिया और तहसीलदार सदर के पहले आदेश को बरकरार रखा।
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से मजार और अन्य पक्के निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
मजार कमेटी ने जताई आपत्ति
प्रशासन की कार्रवाई के बाद बाबा फौलाद शाह मजार कमेटी के सदस्य शाकिर हुसैन ने विरोध जताया। उन्होंने दावा किया कि मजार काफी पुरानी है और यहां हर साल अक्टूबर महीने में उर्स का आयोजन किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मजार हटाने से पहले कमेटी को कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई।वहीं, प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के आधार पर की गई है और भूमि से संबंधित सभी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह कदम उठाया गया।
पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाई
मुरादाबाद जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन पहले भी कार्रवाई कर चुका है। इससे पहले नया मुरादाबाद योजना के सेक्टर-10 स्थित पार्क में बनी अवैध मजार को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने हटाया था। इसके अलावा डिडोरी गांव की तालाब भूमि पर बनी अवैध मस्जिद, भोजपुर में चामुंडा मंदिर की जमीन पर बनी मजार, कांठ रोड स्थित हजरत सुल्तान शाह की मजार और बेलवाड़ा गांव में बनी अवैध मस्जिद पर भी प्रशासन कार्रवाई कर चुका है।प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।





