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Shankaracharya, से मिले अखिलेश, मंदिर मामले पर सरकार को घेरा

Lucknow लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। लखनऊ में हुई इस मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव जमीन पर बैठकर शंकराचार्य से बातचीत करते नजर आए। करीब 30 मिनट तक चली इस बैठक के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत की और कई राजनीतिक व धार्मिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गोमाता को लेकर गंभीर हैं और गाय को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं और इस मांग को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार पर हमला
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में मंदिर के चढ़ावे की चोरी को महापाप माना जाता है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है और जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि अगर मंदिर परिसर में काम करने वाले लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की जाए तो कई ऐसे लोगों के नाम सामने आ सकते हैं, जिनका संबंध भाजपा से हो सकता है।
सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा में अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है और कई नेता व कार्यकर्ता उनसे संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा में और राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
शंकराचार्य ने भी उठाया मंदिर में घोटाले का मुद्दा
मुलाकात के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी अयोध्या राम मंदिर से जुड़े विवाद और कथित घोटाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिर में घोटाला हुआ है और इस मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से कार्रवाई की उम्मीद जताते हुए कहा कि कदम उठाए जाएंगे, लेकिन भविष्य में नई सरकार बनने पर और प्रभावी कार्रवाई हो सकती है।
गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों 81 दिनों की "गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने" की मांग को लेकर गविधि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा निकाल रहे हैं। इसी यात्रा के तहत वह बुधवार को लखनऊ पहुंचे थे।
भाजपा पर धर्म और राजनीति को जोड़ने का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर धर्म को राजनीति से जोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए धर्म से ज्यादा राजनीतिक लाभ महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम की मर्यादा को राजनीतिक स्वार्थ के लिए प्रभावित किया गया।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के सनातनी इस समय चिंतित हैं और जिन लोगों को मंदिर से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई थी, उनसे जवाब मांगा जाना चाहिए।
जांच एजेंसियों की भूमिका पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है।
उन्होंने राम मंदिर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
योगी सरकार पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे को लेकर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार अयोध्या जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद मंदिर में चोरी का मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि केवल दौरे करने से व्यवस्था में सुधार नहीं होता, बल्कि जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करनी चाहिए।
बता दें कि अखिलेश यादव और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यह चार महीने में दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों की मुलाकात 12 मार्च को लखनऊ में हुई थी। वहीं, शंकराचार्य की यात्रा के सैफई पहुंचने पर सपा नेता शिवपाल सिंह यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने उनका स्वागत किया था।





