- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- महापंचायत में तय होगी...
महापंचायत में तय होगी किसानों के आंदोलन की अगली रणनीति

दनकौर (ग्रेटर नोएडा)। किसानों की लंबित मांगों को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर 17 जुलाई को प्रस्तावित विशाल किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए दनकौर में संगठन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई और अधिक से अधिक किसानों को इसमें शामिल होने का आह्वान किया गया।
किसान संघर्ष मोर्चा की बैठक की अध्यक्षता संगठन के सोरन प्रधान और कृष्ण बैंसला ने की। बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक उनका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इसी को लेकर किसानों में नाराजगी है और अब आंदोलन को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना विकास प्राधिकरण से जुड़ी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, आबादी से जुड़े मामलों का निस्तारण, लीजबैक समेत अन्य समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
किसान संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों ने विकास कार्यों के लिए अपनी जमीन दी है, लेकिन लंबे समय बाद भी कई मामलों में उन्हें उनका अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन और प्राधिकरण की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो 17 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर आयोजित महापंचायत के माध्यम से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि यह महापंचायत किसानों की एकजुटता और उनकी मांगों को मजबूती से रखने का मंच होगी।
संगठन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के सभी किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में महापंचायत में पहुंचकर किसानों की आवाज को मजबूत करें। नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक के दौरान किसान नेताओं ने आंदोलन की तैयारियों को लेकर जिम्मेदारियां भी तय कीं। गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने और किसानों को महापंचायत की जानकारी देने की योजना बनाई गई। संगठन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी समस्याओं को सामने रखें।
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की मांगें केवल आर्थिक लाभ से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि उनके अधिकारों और भविष्य से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने प्राधिकरण से अपील की कि किसानों के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकाला जाए।
बैठक में महेंद्र कसाना, देशराज नागर, पप्पे नागर, प्रमोद शर्मा, जेपी नागर, उमेद एडवोकेट, राकेश चौधरी, मोहनपाल, सचिन नागर, जीतन नागर और सौरभ शर्मा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
अब सभी की नजर 17 जुलाई को होने वाली किसान महापंचायत पर है। किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई बड़ा निर्णय सामने नहीं आया है।





